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FPO के लिए अलग कानून की मांग, किसानों के प्रशिक्षण पर जोर, अगले वर्ष ₹2,500 करोड़ सामूहिक कारोबार का लक्ष्य

भोपाल। माही नेशनल फेडरेशन ऑफ की वार्षिक बैठक में किसानों और किसान उत्पादक संगठन (FPO) को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में केंद्र सरकार से एफपीओ के लिए अलग कानून बनाने की मांग की गई। साथ ही, किसानों के हित में प्रशिक्षण, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर देते हुए अगले वर्ष ₹2,500 करोड़ के सामूहिक कारोबार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया।

बैठक में फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान सहकारिता कानूनों के तहत एफपीओ की कार्यप्रणाली में कई व्यावहारिक चुनौतियां सामने आती हैं। इसलिए किसानों की जरूरतों और एफपीओ की संरचना को ध्यान में रखते हुए एक अलग और समर्पित कानून बनाया जाना चाहिए, जिससे इन संगठनों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।

बैठक में किसानों के प्रशिक्षण, कृषि उत्पादों के वैल्यू एडिशन और प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। फेडरेशन ने चालू वित्तीय वर्ष के लगभग ₹750 करोड़ के सामूहिक कारोबार को बढ़ाकर आगामी वर्ष में ₹2,500 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके अलावा, कार्यों में लापरवाही बरतने वाली सीबीबीओ (CBBO) संस्थाओं की जांच कराने की मांग भी की गई। इस अवसर पर फेडरेशन की नई वेबसाइट का शुभारंभ किया गया और अगली बोर्ड बैठक 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

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