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इंदौर में NEET आंदोलन से जुड़े युवा जेल से रिहा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- शांतिपूर्ण आंदोलन के बाद भी डराने की हुई कोशिश

इंदौर। भंवरकुआ चौराहे पर NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए युवाओं को रिहा कर दिया गया है। आंदोलन से जुड़े युवाओं का दावा है कि अधिकांश साथियों को “जीरो FIR” के आधार पर छोड़ा गया है, जबकि कुछ लोगों पर निवारक कार्रवाई के तहत धारा 151 लगाई गई थी, जिनकी जमानत भी हो गई है।

आंदोलनकारियों के अनुसार, रिहा होने वालों में गुलाम गुंजू समेत कई अन्य साथी शामिल हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों को पहले ही छोड़ दिया गया था, जबकि शेष लोगों को शनिवार सुबह जिला जेल से रिहा किया गया।

डर का माहौल बनाने की कोशिश थी
आंदोलन से जुड़े अरुण ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर आंदोलन में शामिल होने वालों के बीच डर का माहौल बनाने की कोशिश की। उनका कहना है कि छात्रों को भी आंदोलन में शामिल न होने की चेतावनी दी गई।

बातचीत की जगह कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया
प्रमोद नामदेव ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक था। उनके अनुसार, सरकार को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय हिरासत और कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया गया।

आंदोलनकारियों ने यह भी दावा किया कि किसी के खिलाफ नियमित आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया। हालांकि, कुछ लोगों पर धारा 151 के तहत कार्रवाई हुई थी, जिसकी जमानत हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि इन मामलों को भी समाप्त किया जाए, क्योंकि कई आंदोलनकारी मजदूर और सामान्य परिवारों से हैं।

NEYU ने कहा- लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत
इस बीच, नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) ने अपने छह साथियों की जमानत होने की जानकारी देते हुए इसे संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताया। संगठन ने कहा कि उनका आंदोलन युवाओं के अधिकारों और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर जारी रहेगा।

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