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जंतर-मंतर पर जश्न: सरकार ने मानी कॉकरोचों की बात; अभिजीत दीपके बोले- लोकतंत्र की जीत

नई दिल्ली। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है। छात्र एकता जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं। इधर अभिजीत दीपके का कहना है कि लोकतंत्र की जीत हुई है। झुकती है दुनिया, झुकाने वाला होना चाहिए। मगर हमने कर दिखाया।

हमनें तो एक मंत्री का इस्तीफा ले लिया तो तुम लोग क्या चीज हो। भईया ये लोकतंत्र है। मुझे एक महीने से लोग कहते थे क्या कर रहे हो कब तक बेठोगे। ये इस्तीफा नहीं देंगे।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है- युवाओं को कॉकरोच कहने के लिए वह सीजेआई सूर्यकांत को धन्यवाद देते हैं। दीपके ने कहा- यदि अपने हमें कॉकरोच नहीं कहा होता तो धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते।

भागवत के बयान के 4 घंटे बाद प्रधान का इस्तीफा
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार सुबह दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा था, ‘हम मनमानी करेंगे, शक्ति से सबके मालिक बनेंगे, ऐसा नहीं हो सकता।उन्होंने कहा था कि आज की नई पीढ़ी बहुत सारे सवाल पूछती है।

हमें आदेश देने की बजाय उनसे बातचीत करनी चाहिए। उन्हें हर बात के पीछे का तर्क समझाना चाहिए, न कि आदेश देना चाहिए। संवाद के जरिए ही उन्हें सही दिशा दिखाई जा सकती है।

धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने यह भी लिखा कि वे नहीं चाहते कि इस स्थिति का फायदा “राष्ट्रविरोधी तत्व” उठाएं और छात्रों की आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने यह फैसला लिया।

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