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देशभर के लॉ कॉलेजों का होगा निरीक्षण, बीसीआई ने जारी किया आदेश, 6 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

लॉ कॉलेजों में चल रही गड़बड़ियों को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बड़ा फैसला लिया है। काउंसिल ने देश के सभा कॉलेज में निरिक्षण का आदेश दिया है। इससे संस्थानों में हो रही गड़बड़ियों पर रोक लगेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक मानकों, बुनियादी सुविधाओं और नियमों के पालन की जांच की जाएगी। परिषद ने इस पूरी प्रक्रिया को छह सप्ताह के भीतर पूरा कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़े निर्धारित मानकों की होगी जांच

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने सभी कुलपतियों , रजिस्ट्रार और लॉ फैकल्टी के प्रमुखों को सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी लॉ कॉलेज फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षण व्यवस्था और शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

लॉ कॉलेज को मान्यता देने के बाद विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होगी

BCI ने स्पष्ट किया है कि किसी लॉ कॉलेज को मान्यता देने के बाद विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। विश्वविद्यालयों को लगातार यह निगरानी करनी होगी कि संबद्ध कॉलेज नियमों और शैक्षणिक मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। परिषद ने कहा कि कई मामलों में विश्वविद्यालयों द्वारा उचित निरीक्षण नहीं किए जाने पर न्यायालयों ने भी नाराजगी जताई है। बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के मान्यता देने से कानूनी शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है और इसका सीधा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ता है।

विशेष निरीक्षण टीम का होगा गठन

BCI के निर्देशानुसार प्रत्येक विश्वविद्यालय विशेष निरीक्षण टीम का गठन करेगा, जो लॉ कॉलेजों में विभिन्न व्यवस्थाओं की जांच करेगी। इस जांच में देखा जाएगा कि कॉलेज में योग्य और पर्याप्त फैकल्टी, नियमित कक्षाओं का संचालन, पुस्तकालय और अध्ययन सामग्री, कंप्यूटर एवं इंटरनेट सुविधा, मूट कोर्ट, लीगल एड क्लीनिक, सेमिनार हॉल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक शैक्षणिक एवं बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध है या नहीं। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्धारित शिक्षण घंटे पूरे किए जा रहे हैं और सभी शैक्षणिक गतिविधियां BCI के नियमों के अनुरूप संचालित हो रही हैं।

एक्स्ट्रा क्लास को बंद करने के भी आदेश जारी

BCI ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि नियमित एलएलबी (LLB) पाठ्यक्रमों के नाम पर संचालित हो रही सप्ताहांत, शाम या शिफ्ट आधारित कक्षाओं की पहचान कर उन्हें बंद किया जाए। परिषद ने साफ कहा है कि ऐसे पाठ्यक्रमों में आगे किसी भी छात्र का प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि ऐसे कोर्स से डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को भविष्य में वकालत करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सर्कुलर प्राप्त होने के तीन दिनों के अंदर पुष्टि करें

BCI ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे सर्कुलर प्राप्त होने के तीन कार्य दिवसों के भीतर इसकी पुष्टि करें, एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें और छह सप्ताह के भीतर विश्वविद्यालय-वार अनुपालन रिपोर्ट परिषद को सौंपें। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि निरीक्षण प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई या निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित विश्वविद्यालयों के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।

नियमित और प्रभावी निरीक्षण से होगा सुधार

बार काउंसिल ऑफ इंडिया का मानना है कि नियमित और प्रभावी निरीक्षण से लॉ कॉलेजों में शैक्षणिक गुणवत्ता, बुनियादी सुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था में सुधार होगा। यह कदम छात्रों के हितों की रक्षा करने और देश में कानूनी शिक्षा के स्तर को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

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