सेकंड ईयर में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए डीएवीवी ने लागू की नई स्कीम, अबसे 11 थ्योरी पेपर और दो बार होगी सप्लीमेंट्री एग्जाम
इंदौर बीकॉम, बीए, बीएससी जैसे यूजी कोर्स में सेकंड ईयर के छात्रों के लिए नई एग्जाम स्कीम लागू की जा रही है। अप्रैल में होने वाली वार्षिक परीक्षा के दौरान छात्रों को इसी स्कीम से परीक्षा देना होगी। सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ है कि पहली बार किसी परीक्षा में ,11 थ्योरी पेपर होंगे। इन्हीं छात्रों की गत मई में हुई फर्स्ट ईयर की परीक्षा में 10 थ्योरी पेपर थे। इसके पहले परंपरागत कोर्स में 9 व प्रोफेशनल में 8 थ्योरी पेपर हुआ करते थे।
100-100 अंकों के होंगे पांच पेपर
जानकारी के अनुसार सेकंड ईयर में जो 11 थ्योरी पेपर होंगे, उनमें पांच परचे 100-100 अंकों के होंगे। बाकी परचे 70 अंकों के होंगे और उनमें 30 अंकों का प्रैक्टिकल होगा। सेकंड ईयर में पास होने के लिए 42 क्रेडिट लाना अनिवार्य होगा। अभी तक 40 क्रेडिट में पास माने जाते थे। न्यूनतम 14 क्रेटिड होने पर किसी भी छात्र को फेल नहीं माना जाएगा। अधिकतम 4 विषयों में सप्लीमेंट्री रहेगी। डीएवीवी ने नई एग्जाम स्कीम के अनुसार परीक्षा संबंधी योजना पर काम भी शुरू कर दिया है।
नए नियम से बेहतर हुआ रिजल्ट
उच्च शिक्षा विभाग ने 2021 में लागू हुई नई शिक्षा नीति में पिछले साल ही बड़ा बदलाव किया था। पिछले साल जो छात्र फर्स्ट ईयर में थे, वही छात्र इस बार सेकंड में हैं। ऐसे में अगले साल ये छात्र जब थर्ड ईयर में पहुंचेंगे तो स्कीम में फिर बदलाव होगा। यूजी फर्स्ट ईयर में एग्जाम स्कीम में हुए बदलाव के कारण हाल ही में आए परीक्षा परिणामों में असर दिखा। बीकॉम, बीसीए और बीबीए के रिजल्ट 16 से 31 प्रतिशत तक घट गए थे। जानकारों ने अपने एनालिसिस में कहा था कि पहली बार 10 थ्योरी पेपर होने की वजह से यह स्थिति बनी थी।
नियम बदलने से पहले यह था हाल
11 हजार छात्रों ने बीकॉम फर्स्ट ईयर की परीक्षा दी थी, जिनमें से 62 फीसदी ही पास हुए थे 5 फीसदी फेल हुए थे और बाकी को सप्लीमेंट्री आई थी। पिछले साल तक यह रिजल्ट 76 से 78 प्रतिशत के बीच होता था। बीबीए में 6100 छात्रों में सिर्फ 60 फीसदी पास हो सके थे। पिछले साल 80 प्रतिशत तक रिजल्ट था। बीसीए का रिजल्ट 81 से सीधे 50 फीसदी पर आ गया। इसमें ढाई हजार छात्र शामिल हुए थे। अब सेकंड ईयर में भी वही स्कीम लागू रहेगी।
सेकंड ईयर में भी फर्स्ट ईयर की स्कीम लागू
अब सेकंड ईयर में भी फर्स्ट ईयर की स्कीम लागू रहेगी। इसमें 5 प्रश्न पत्र में इंटरनल माक्स की व्यवस्था खत्म कर दी गई थी। पहली बार पांच थ्योरी पेपर 100- 100 अंकों के हुए थे। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, वोकेशनल, मल्टी डिसिप्लिनरी और वैल्यू एडेड विषय शामिल थे, जबकि बाकी पेपर में 30 अंकों के इंटरनल हुए।
दो बार सप्लीमेंट्री एग्जाम का मौका
इस बार छात्रों को दो बार सप्लीमेंट्री एग्जाम का मौका भी मिलेगा। फर्स्ट ईयर की तरह ही सेकंड ईयर में भी दो बार सप्लीमेंट्री एग्जाम का मौका मिलेगा। अप्रैल में एग्जाम होगी और 30 जून के पहले रिजल्ट आएंगे। जिन छात्रों को सप्लीमेंट्री आएगी, उनके लिए अगस्त में परीक्षा होगी। उसका रिजल्ट 10 सितंबर तक आएगा उसमें भी जिन छात्रों को फिर सप्लीमेंट्री आएगी, उन्हें भी फेल नहीं माना जाएगा। वे न केवल थर्ड ईयर में प्रमोट हो जाएंगे, बल्कि मार्च, 2028 में प्रस्तावित थर्ड ईयर की मुख्य परीक्षा में भी शामिल हो सकेंगे।
कोर्स पूरा करवाने मिलेगा पर्याप्त समय
इन छात्रों को थर्ड ईयर की मुख्य परीक्षा से पहले सेकंड ईयर में जिस विषय में सप्लीमेंट्री आई थी उसमें पास होना होगा। एग्जाम कंट्रोलर डॉ. अशेष तिवारी का कहना है कि नई पॉलिसी के तहत अब यूजी सेकंड ईयर में 11 थ्योरी पेपर होंगे सिलेबस जल्द जारी होगा, ताकि छात्रों को तैयारी के लिए लंबा समय मिल सके। कॉलेजों को कोर्स पूरा करवाने के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा।