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जंतर-मंतर प्रदर्शन का 33वां दिन: सोनम वांगचुक की याचिका पर आज सुनवाई, NEET विवाद पर केंद्र सरकार घिरी

जंतर – मंतर पर कॉकरोज जनता पार्टी के प्रदर्शन को 32 दिन पुरे हो गए है। आज प्रदर्शन का 33वां दिन है। बुधवार को जंतर – मंतर पर हज़ारों प्रदर्शनकारी जुटे है। आंदोलन में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुए लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोलों का शिकार हुए लोग भी शामिल है। दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को हुए CJP के संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में कुल 10 FIR दर्ज की गई है। इसमें प्रदर्शनकारी पर RAF जवानों पर जानलेवा हमला,पथराव और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगे है।

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मंगलवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मिले। वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्हें मंगलवार को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता में भर्ती कराया गया है।

वांगचुक के अनशन पर दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट बुधवार को सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।

वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे। 18 जुलाई को पुलिस उन्हें प्रदर्शन स्थल से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि 18 जुलाई को पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल खाली कराया, कई प्रदर्शनकारियों को हटाया या हिरासत में लिया और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया।

हालांकि, पुलिस का कहना था कि सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल ले जाया गया था। याचिका में यह भी मांग की गई है कि सुनवाई पूरी होने तक सोनम वांगचुक और अन्य शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बिना कानूनी प्रक्रिया के कोई जबरन कार्रवाई, हिरासत या उत्पीड़न न किया जाए।

कांग्रेस महासचिव (संगठन) का कहना है कि – “सरकार छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल”

कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को NEET विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में पद पर ना बने रहने की उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। केंद्र सरकार छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है।

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के कारण 16 मेट्रो स्टेशन बंद

लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम अगले निर्देश तक बंद हैं।

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