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मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस का हंगामा ; परिसर में सांकेतिक शव लेकर पहुंचे, UCC का किया विरोध

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओ का कहना है कि जब जनता के मुद्दे सामने आते है तो सरकार सो जाती है। साथ ही विपक्ष के विधायकों ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का भी विरोध किया।

कांग्रेस के नेताओं ने विरोध जताते हुए विधानसभा के सभा परिसर में सांकेतिक शव लेकर पहुंचे और सरकार पर जनता के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाए है। विधायक हाथों में पोस्टर लेकर विधानसभा पहुंचे। पोस्टरों पर लिखा था कि सरकार किसानों की मदद नहीं कर रही, बल्कि नफरत की राजनीति कर रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसान, बेरोजगार और आम जनता परेशान है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय अन्य मुद्दों पर ध्यान दे रही है।

पानी की समस्या के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे सीएम

सीएम डॉ. मोहन यादव ने पानी की समस्या पर कहा कि पेयजल की जितनी भी योजना पहले चल रही थी वे केवल नदियों से चलती थी। अब जहां से भी पानी मिल सकता है, वहां से व्यवस्था कर रहे हैं। इसलिए सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था

16वीं विधानसभा के कार्यकाल के दो वर्ष पुस्तक का विमोचन

मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को ‘विधान से जन कल्याण : 16वीं विधानसभा के कार्यकाल के दो वर्ष’ पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक में 16वीं विधानसभा के लगभग दो वर्षों के कार्यकाल की प्रमुख संसदीय गतिविधियां, अध्यक्ष के महत्वपूर्ण वक्तव्य, समितियों के सशक्तिकरण के प्रयास, सदस्यों की सुविधाओं के विस्तार, ई-विधान, विशेष सत्र, संसदीय सम्मेलनों में सहभागिता और संवैधानिक व समसामयिक विषयों पर लिखे गए उनके आलेख शामिल हैं।

नई औद्योगिक विकास योजना पर सीधी की विधायक रीति पाठक ने पूछा सवाल

भाजपा विधायक रीति पाठक ने पूछा कि क्या सीधी विधानसभा क्षेत्र में कोई नई औद्योगिक विकास योजना लाने की प्लानिंग है। यदि स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए सरकार ने कोई योजना बनाई है, तो जानकारी दें।

जवाब देते हुए मंत्री कृष्ण गौर ने कहा कि जो औद्योगिक इकाइयां चिन्हित की गई है उन पर जल्द काम शुरू होगा। मुख्यमंत्री स्वयं 2025 को उद्योग और रोजगार के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। आपके क्षेत्र में जो भी योजना है जल्द शुरू की जाए। एमएसोंएमई इकाइयों को दो साल का समय दिया जाता है। वहीं, बड़ी इकाइयों को स्थापित करने के लिए तीन साल का समय दिया जाता है।

रीति ने पूरक प्रशन पर GIS 2025 मे सीधी जिले में आए प्रस्ताव को लेकर जानकारी मांगी। इस पर मंत्री कृष्ण गौर ने जवाब दिया कि GIS में सीधी जिले में औद्योगिक नीति में निवेश प्रोत्साहन विभाग को आठ इकाइयों के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से तीन वर्तमान स्थापित हो गई हैं। एक इकाई का प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं, जबकि शेष चार इकाइयों ने सक्रियता नहीं दिखाई है।

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