| |

इंदौर IIM में महिलाओं ने सीखे सफल लीडर बनने के गुर: देशभर की प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, सीखीं सफलता की नई रणनीतियां

इंदौर। दो दिनों तक आईआईएम इंदौर का परिसर कुछ अलग ही ऊर्जा से भरा नजर आया। कहीं समूह चर्चा चल रही थी, कहीं महिलाएं नेतृत्व की नई रणनीतियों पर विचार-विमर्श कर रही थीं, तो कहीं टीम एक्टिविटी के माध्यम से चुनौतियों का समाधान खोजा जा रहा था। आत्मविश्वास, सीखने की ललक और आगे बढ़ने का जज्बा हर प्रतिभागी के चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। अवसर था इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा आयोजित दो दिवसीय आवासीय वुमन लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम का, जिसने महिलाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि नेतृत्व की नई सोच भी दी।

कार्यक्रम में विभिन्न उद्योगों, कॉर्पोरेट कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स, बैंकिंग, हेल्थकेयर, सेवा क्षेत्र एवं पारिवारिक व्यवसायों से जुड़ी महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया। दो दिनों तक चले इस विशेष प्रशिक्षण में महिलाओं ने जाना कि बदलती दुनिया में केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही नेतृत्व, प्रभावी संवाद और बेहतर निर्णय क्षमता ही सफलता की असली पहचान है।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। वे केवल जिम्मेदारियां निभाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बड़े संगठनों का नेतृत्व कर रही हैं, नई नीतियां बना रही हैं और परिवर्तन की दिशा तय कर रही हैं। ऐसे समय में नेतृत्व क्षमता का विकास बेहद आवश्यक है।

 

सीखने का अंदाज भी रहा सबसे अलग
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यहां पारंपरिक प्रशिक्षण के बजाय लर्निंग की अवधारणा को अपनाया गया। प्रतिभागियों को केवल भाषण सुनने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें केस स्टडी, रोल प्ले, बिजनेस सिमुलेशन, टीम चैलेंज, प्रेजेंटेशन और समूह गतिविधियों के माध्यम से वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव कराया गया।

कई सत्रों में प्रतिभागियों को ऐसी परिस्थितियां दी गईं, जहां उन्हें सीमित समय में टीम बनाकर निर्णय लेना था। कहीं मतभेदों को सुलझाना था तो कहीं सीमित संसाधनों में बेहतर परिणाम देने की रणनीति बनानी थी। इन गतिविधियों ने प्रतिभागियों को नेतृत्व के वास्तविक अर्थ से परिचित कराया।

लीडर वही जो दूसरों को आगे बढ़ाए
विशेषज्ञ वक्ताओं ने कहा कि नेतृत्व का अर्थ केवल आदेश देना नहीं, बल्कि लोगों को प्रेरित करना, उन पर विश्वास करना और कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक दिशा दिखाना है। एक सफल नेता वही है जो अपनी टीम की क्षमता को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दे। उन्होंने महिलाओं से कहा कि आत्मविश्वास की कमी किसी भी प्रतिभा को पीछे कर सकती है। यदि महिलाएं स्वयं पर विश्वास करें और सीखना कभी न छोड़ें, तो वे किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।

आईआईएम इंदौर का माहौल बना प्रेरणा का केंद्र
देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम इंदौर के शांत, हरित और आधुनिक परिसर ने इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। आवासीय कार्यक्रम होने के कारण प्रतिभागियों को केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे से जुड़ने, अनुभव साझा करने और लंबे समय तक उपयोगी रहने वाले व्यावसायिक संबंध बनाने का अवसर भी मिला।

रात्रि के अनौपचारिक संवादों से लेकर सुबह के ऊर्जा से भरपूर सत्रों तक, पूरे कार्यक्रम में सीखने और सकारात्मक सोच का माहौल बना रहा। प्रतिभागियों ने कहा कि यह कार्यक्रम किसी प्रशिक्षण से अधिक एक जीवन अनुभव जैसा रहा।

नई सोच, नया आत्मविश्वास और नई पहचान
दो दिनों तक चले विभिन्न सत्रों में महिलाओं ने नेतृत्व, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, टीम प्रबंधन, समय प्रबंधन, प्रभावी संवाद, संघर्ष समाधान, परिवर्तन प्रबंधन, नवाचार, रणनीतिक सोच और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों पर गहराई से जानकारी प्राप्त की।
विशेषज्ञों ने बताया कि भविष्य उन्हीं संगठनों का होगा जहां महिलाएं निर्णय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगी। इसलिए आज की महिला को केवल अपने कार्य में दक्ष होना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रभावी नेतृत्व भी सीखना होगा।

प्रतिभागियों ने कहा यह प्रशिक्षण नहीं, जीवन बदलने वाला अनुभव था

समापन सत्र में कई प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कार्यक्रम ने उन्हें अपने अंदर छिपी नेतृत्व क्षमता को पहचानने का अवसर दिया। यहां उन्होंने केवल प्रबंधन की तकनीकें नहीं सीखीं, बल्कि यह भी जाना आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और सही दृष्टिकोण किसी भी चुनौती को अवसर में बदल सकते हैं।

Share