डायबिटीज के मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी, इंसुलिन के इंजेक्शन से मिलेगा छुटकारा, इस नई दवा से कंट्रोल में रहेगी शुगर
डायबिटीज से परेशान करोड़ों लोगो के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। शुगर कंट्रोल में रखने के लिए कई मरीजों को इन्सुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते थे लेकिन अब उन्हें इससे छुटकारा मिल जाएगा। देश में पहली बार एक ऐसा बेसल इंसुलिन इंजेक्शन लॉन्च हुआ है, जिसे हफ्ते में सिर्फ एक बार लेने से शुगर कंट्रोल रहेगी और रोज इंजेक्शन लगाने का झंझट खत्म हो जाएगा।
इन मरीजों के लिए जरुरी इंसुलिन
डायबिटीज के सभी मरीजों को इन्सुलिन की जरूरत नहीं पड़ती है लेकिन टाइप-1 डायबिटीज के सभी मरीजों को इंसुलिन लेना आवश्यक होता है। इसके साथ ही टाइप-2 डायबिटीज में मरीज को सिर्फ तब, जब शरीर में इंसुलिन की मात्रा बहुत कम हो जाए और मेटफॉर्मिन यानी इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारने वाली दवा से शुगर कंट्रोल न हो पाए तब तक इंसुलिन लेना होता है। इसके अलावा गर्भावस्था में डायबिटीज (जेस्टेशनल डायबिटीज) होने पर कुछ महिलाओं को इंसुलिन देना पड़ सकता है। अगर कभी ब्लड शुगर बहुत ज्यादा बढ़ जाए तो कुछ समय के लिए बाहर से इंसुलिन दी जा सकती है। साथ ही ऑपरेशन, गंभीर संक्रमण या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में भी अस्थायी रूप से इंसुलिन की जरूरत पड़ सकती है। पैंक्रियाज की बीमारी होने पर जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन न बना पाए तो बाहर से इंसुलिन की जरूरत पड़ सकती है। अक्सर डॉक्टर मरीज की ब्लड शुगर रिपोर्ट, HbA1c और हेल्थ कंडीशन को देखकर तय करते हैं कि इंसुलिन की जरूरत है या नहीं।
रोज इंसुलिन लेने से मिलेगा छुटकारा
अभी तक टाइप-1 डायबिटीज में मरीज को रोज इंसुलिन लेनी पड़ती है। अगर ज्यादा असर चाहिए तो बेसल इंसुलिन दिन में 1–2 बार दी जाती है। हर मुख्य भोजन से पहले बोलस (फास्ट-एक्टिंग) इंसुलिन भी लेनी पड़ती है। कुछ मरीज इंसुलिन पंप का इस्तेमाल करते हैं, जो लगातार इंसुलिन पहुंचाता है। इंसुलिन की डोज ब्लड शुगर, भोजन और शारीरिक गतिविधि के अनुसार तय की जाती है। इलाज का उद्देश्य पूरे दिन ब्लड शुगर को सामान्य सीमा में बनाए रखना होता है।
कम होगा इंजेक्शन का उपयोग
बेसल की उपलब्धि उन मरीजों के लिए बड़ी राहत है, जिन्हें रोज इंसुलिन लेनी पड़ती है। बेसल लेने से न सिर्फ इंजेक्शन की संख्या कम होगी बल्कि इलाज का पालन करना आसान हो जाएगा। इसके इस्तेमाल से कई मरीजों के लिए डायबिटीज कंट्रोल करना आसान होगा। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि कभी भी इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करे।