रीवा में 700 स्टूडेंट की पढ़ाई और सुरक्षा दांव पर: जर्जर भवन में चल रही क्लास; मरम्मत की फाइल 8 महीने से अटकी

रीवा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हिनौती एक बार फिर जर्जर भवनों को लेकर चर्चा में है। स्कूल में कक्षा 1 से 12 तक के करीब 700 विद्यार्थी क्षतिग्रस्त भवनों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इस बीच प्राचार्य प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि भवनों की मरम्मत और निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव एवं जानकारी शासन स्तर पर समय-समय पर भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है।
हाल ही में आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी ने स्कूल परिसर में पालक-शिक्षक संघ और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक की। बैठक में बताया गया कि संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह और कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जर्जर भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से बच्चे जोखिम के बीच पढ़ाई कर रहे हैं।
प्राचार्य बोले- सभी प्रस्ताव भेजे जा चुके
प्राचार्य प्रमोद कुमार पांडेय के अनुसार, पिछले वर्ष से भवनों की मरम्मत और निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शासन द्वारा मांगी गई जानकारी गूगल शीट, गूगल मीट तथा अन्य माध्यमों से नियमित भेजी गई है। पंचायत विभाग और ग्राम पंचायत को भी लिखित प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।
25 लाख की तकनीकी स्वीकृति, लेकिन फंड नहीं
ग्राम पंचायत सेदहा सरपंच पूनम सिंह और सरपंच प्रतिनिधि पुष्पराज सिंह के अनुसार, ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री एवं उपयंत्री द्वारा 17 नवंबर 2025 को लगभग 25 लाख रुपए के मरम्मत एवं पेवर ब्लॉक कार्य की तकनीकी स्वीकृति जारी की गई थी। यह राशि जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) मद से मिलनी थी, लेकिन अब तक प्रशासकीय स्वीकृति और बजट जारी नहीं होने से कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग
स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए मामले में तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए। डीएमएफ कार्यों के संचालन को लेकर पहले भी संभागायुक्त को ज्ञापन दिया जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि जिला प्रशासन इस मामले में प्राथमिकता के आधार पर भवन की मरम्मत और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराएगा। – शिवानंद द्विवेदी, RTI एक्टिविस्ट
जिला माइनिंग कार्यालय के अधिकारियों पर लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं। इस संबंध में संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।