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इंदौर: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यशाला में अजय सिन्हा बोले- स्वच्छता व्यवहार और संस्कृति से आती है

फीडबैक फाउंडेशन के सीईओ अजय सिन्हा ने कहा कि भारत की मूल संस्कृति कचरा पैदा करने की नहीं, बल्कि पुनः उपयोग री-यूज और वस्तु विनिमय की रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल नियमों से नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवहार और सांस्कृतिक मूल्यों से आती है।

शनिवार को इंदौर सिटी बस ऑफिस में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर आयोजित कार्यशाला में उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं और स्वच्छता से जुड़े मूल्यों को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। केवल पोस्टर और प्रचार से बदलाव नहीं आता, बल्कि जनभागीदारी और जागरूकता जरूरी है।

सिन्हा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अलग कैडर बनाने का सुझाव भी दिया। वहीं, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर में बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को भी शहर के स्वच्छता नियमों और नागरिक जिम्मेदारियों की जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा सके।

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