कच्चा तेल फिर 101 डॉलर प्रति बैरल के पार, अमेरिका-ईरान तनाव पर बाजार की नजर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में Brent Crude 101 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि West Texas Intermediate (WTI) भी करीब 96 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक ब्रेंट क्रूड में 0.62 डॉलर यानी 0.61 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जिसके बाद इसकी कीमत लगभग 101.9 डॉलर प्रति बैरल हो गई। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड 0.65 डॉलर यानी 0.68 फीसदी उछलकर 95.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान संबंधों में अनिश्चितता की वजह से तेल बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। हालांकि हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच बातचीत के सकारात्मक संकेत मिलने के बाद कीमतों में कुछ नरमी भी देखी गई थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के पावर और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर संभावित सैन्य कार्रवाई को दो सप्ताह के लिए रोकने की घोषणा के बाद बाजार में राहत का माहौल बना। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ कई विवादित मुद्दों पर सहमति बनने की दिशा में प्रगति हुई है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और Iran के बीच तनाव कम होता है और तेल आपूर्ति सामान्य रहती है, तो कीमतों में स्थिरता आ सकती है। लेकिन यदि पश्चिम एशिया में हालात फिर बिगड़ते हैं, तो कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, महंगाई और ईंधन कीमतों पर भी पड़ता है। भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






