ईरान का 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव, ट्रंप ने जताई शंका; कतर ने दी संयम बरतने की सलाह

ईरान ने अमेरिका को 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है, जिससे मध्य पूर्व में जारी तनाव को कम करने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि इससे कोई ठोस समझौता हो पाएगा।
ट्रंप ने पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में पुष्टि की कि उन्हें ईरान का प्रस्ताव मिल चुका है, लेकिन उन्होंने अभी तक इसका विस्तृत अध्ययन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव की समीक्षा के बाद ही आधिकारिक प्रतिक्रिया दी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव में आक्रमण न करने की गारंटी, नाकाबंदी हटाने और लेबनान समेत विभिन्न मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। इसके बावजूद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें यह प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं लगता।
ट्रंप ने अपने बयान में ईरान की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले दशकों में उसकी गतिविधियों के कारण हालात बिगड़े हैं और मौजूदा स्थिति में समझौता मुश्किल नजर आता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वह किसी भी संभावित युद्ध के लिए तैयार है।
वहीं, कतर ने इस बढ़ते तनाव के बीच मध्यस्थता की कोशिशें तेज कर दी हैं। कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बातचीत कर संयम और सूझबूझ से काम लेने की सलाह दी है।
कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह शांतिपूर्ण समाधान के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है और सभी पक्षों से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद करता है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने पर भी जोर दिया गया है।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में इजराइल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं, तो यह संकट और गहरा सकता है।






