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होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव: ब्रिटेन-जर्मनी समेत 6 देशों ने सुरक्षित आवाजाही के लिए बनाई रणनीति

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहराती जा रही है। इसी बीच ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान ने मिलकर इस अहम समुद्री मार्ग में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त रणनीति बनाने पर सहमति जताई है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के कार्यालय की ओर से जारी संयुक्त बयान में इन देशों ने ईरान की हालिया गतिविधियों की कड़ी निंदा की है। बयान में कहा गया है कि ईरान को तुरंत ड्रोन और मिसाइल हमले रोकने चाहिए तथा जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग बिछाने जैसी कार्रवाई से बचना चाहिए।

इन देशों ने स्पष्ट किया कि समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का मूल सिद्धांत है, और किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक शांति व सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

इस बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने नाटो समेत अन्य देशों से अपील की है कि वे इस जलमार्ग को दोबारा सुरक्षित और सुचारू बनाने में सहयोग करें।

विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद क्षेत्र में तेल और गैस केंद्रों को नुकसान पहुंचा है, जिससे वैश्विक बाजार में कीमतों में तेजी देखने को मिली है।

यदि स्थिति जल्द नियंत्रित नहीं हुई, तो इसका असर न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में इन छह देशों की यह पहल ग्लोबल एनर्जी मार्केट को स्थिर रखने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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