31 मार्च से शुरू होगा राष्ट्रव्यापी नशारोधी अभियान, तीन साल में देश को नशा-मुक्त बनाने का लक्ष्य

📰 खबर विस्तार से
देश को नशा-मुक्त भारत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 31 मार्च से राष्ट्रव्यापी नशारोधी अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान तीन वर्षों तक चलेगा, जिसका उद्देश्य देशभर में नशीले पदार्थों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाना है।
इसकी जानकारी गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित नार्को-समन्वय केंद्र (NCORD) की 9वीं बैठक के दौरान दी।
🗂️ 2029 तक का रोडमैप तैयार करने के निर्देश
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि
“नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में केंद्र सरकार के सभी विभागों को 2029 तक का स्पष्ट खाका तैयार करना चाहिए और उस पर समयबद्ध तरीके से अमल सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी समीक्षा-तंत्र भी बनाया जाना चाहिए।”
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को 31 मार्च तक कार्य-योजना (ड्राफ्ट) तैयार करने के निर्देश दिए।
🚔 जब्त नशीले पदार्थों के नष्टिकरण पर ज़ोर
गृह मंत्री ने राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (DGPs) से अपील की कि
जब्त किए गए नशीले पदार्थों को समय पर नष्ट करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
इससे दोबारा इनके अवैध उपयोग की संभावना समाप्त होगी
📊 2014 से 2025 तक बड़ी कार्रवाई
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि
2014 से 2025 के बीच
1 करोड़ 11 लाख किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए
जिनकी अनुमानित कीमत ₹1,71,000 करोड़ है
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की सख्त नीति और समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
🧪 फॉरेंसिक साइंस की अहम भूमिका
श्री शाह ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान में
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरीज (FSLs) की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच ने मामलों की पहचान और कार्रवाई को और मजबूत किया है।
⚠️ निष्कर्ष
31 मार्च से शुरू होने वाला यह राष्ट्रव्यापी नशारोधी अभियान न केवल नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने पर केंद्रित होगा, बल्कि नशा-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक पहल साबित हो सकता है।






