जैन धर्म का अहिंसा संदेश पूरी मानवता के लिए जरूरी: पीएम मोदी

नरेन्द्र मोदी ने महावीर जयंती के अवसर पर कहा कि आज जब दुनिया अस्थिरता और अशांति के दौर से गुजर रही है, ऐसे समय में जैन धर्म का अहिंसा का संदेश पूरी मानवता के लिए बेहद आवश्यक हो गया है।

प्रधानमंत्री गुजरात के गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में सम्राट संप्रति संग्रहालय के उद्घाटन के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे।


🕊️ अहिंसा से ही मिलेगा विश्व को मार्ग

प्रधानमंत्री ने भगवान महावीर को नमन करते हुए कहा कि—
👉 वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां चिंता का विषय हैं
👉 कई क्षेत्रों में संघर्ष और अस्थिरता बढ़ रही है

उन्होंने कहा कि जैन दर्शन के सिद्धांत—

  • अहिंसा
  • सत्य
  • अस्तेय
  • अपरिग्रह

👉 दुनिया को नई दिशा देने में सक्षम हैं।


🏛️ सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि—

  • यह संग्रहालय भारत की प्राचीन धरोहर को संरक्षित करता है
  • नई पीढ़ी को इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बनेगा

संग्रहालय में—

  • दुर्लभ जैन कलाकृतियां
  • प्राचीन पांडुलिपियां
  • ऐतिहासिक अवशेष

👉 सात दीर्घाओं में प्रदर्शित किए गए हैं।


📚 ज्ञान परंपरा और संरक्षण पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा हमेशा समृद्ध रही है, लेकिन—

  • विदेशी आक्रमणों में तक्षशिला और नालंदा जैसी धरोहरें नष्ट हुईं
  • आजादी के बाद भी संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया

उन्होंने बताया कि अब सरकार—
👉 ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के जरिए

  • पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण
  • आधुनिक तकनीक से संरक्षण
  • डिजिटल संग्रह निर्माण

जैसे प्रयास कर रही है।


🌍 वैश्विक स्तर पर फैलाने की अपील

प्रधानमंत्री ने कहा कि—
👉 भारत आने वाले विद्यार्थी, शोधकर्ता और जिज्ञासु
जैन धर्म की शिक्षाओं को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाएं।

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