इंदौर जल त्रासदी पर सियासत गरमाई, 27 मौतों के बाद सज्जन सिंह वर्मा ने सरकार को घेरा

इंदौर में दूषित पेयजल से फैली बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया है। प्रभावित इलाकों में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य अस्पतालों में इलाजरत हैं। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और जल आपूर्ति प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना को लेकर सज्जन सिंह वर्मा ने सरकार और नगर निगम पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह हादसा केवल लापरवाही नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता का नतीजा है। सज्जन सिंह वर्मा ने मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई दिनों से नलों के पानी में बदबू और गंदगी आ रही थी, जिसकी शिकायतें भी की गईं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त और पेट संबंधी गंभीर समस्याओं से ग्रसित हो गए।
स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सीवेज का गंदा पानी पेयजल लाइन में मिल गया, जिससे संक्रमण फैला। आशंका जताई जा रही है कि पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन के कारण यह स्थिति बनी।
मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में पानी की सप्लाई बंद कर दी है और टैंकरों के ज़रिये शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर सर्वे कर बीमार लोगों की पहचान कर रही हैं।
सज्जन सिंह वर्मा ने यह भी कहा कि इंदौर जैसे शहर, जिसे स्वच्छता के लिए पहचान मिली है, वहां इस तरह की घटना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवज़ा और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए स्थायी समाधान की मांग की।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासन का दावा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।






