किसानों की हितेषी भावान्तर योजना का पंजीयन प्रारंभ, अंतिम तिथि 17 अक्टूबर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावान्तर योजना का पंजीयन प्रारंभ हो गया है। किसानों को अधिकतम लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से आज कलेक्टर कार्यालय में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसद श्री शंकर लालवानी, सांसद सुश्री कविता पाटीदार, विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने की।

बैठक में तय किया गया कि जनप्रतिनिधि स्वयं गाँव-गाँव जाकर किसानों को योजना की जानकारी देंगे, ताकि कोई भी किसान लाभ से वंचित न रहे। बैठक में विधायक श्री मधु वर्मा, सुश्री उषा ठाकुर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भरत सिंह पटेल, श्री श्रवण चावड़ा सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री वर्मा ने बताया कि जिले में पंजीयन के लिए 48 केन्द्र बनाए गए हैं और शीघ्र ही 13 नए केन्द्र भी शुरू होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कतई अनावश्यक परेशानी न हो। सभी केन्द्रों पर छाया, पानी और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में खाद वितरण की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में पर्याप्त खाद उपलब्ध है और किसानों को समय पर बिना किसी परेशानी के खाद वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।

पंजीयन प्रक्रिया और दस्तावेज़:
पंजीयन निःशुल्क निर्धारित पंजीयन केन्द्रों पर किया जाएगा।
एम.पी. किसान एप, कियोस्क और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी पंजीयन संभव है।
आवश्यक दस्तावेज़:
खसरा खतौनी
आधार कार्ड, समग्र आईडी व लिंक मोबाइल नंबर
आधार से लिंक बैंक खाता व IFSC कोड
क्या है भावान्तर योजना?
यह योजना किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी देती है। यदि मंडी में फसल का भाव MSP से कम मिलता है, तो सरकार औसत मॉडल दर और MSP के अंतर की राशि सीधे किसानों के खाते में जमा करेगी।
फसल विक्रय अवधि:
24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक।
खरीदी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी और मंडियों में गुणवत्ता परीक्षण की व्यवस्था रहेगी।






