इंदौर-78 में विश्वकर्मा जयंती का भव्य आयोजन, झांकी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा माहौल

इंदौर-78 क्षेत्र में भगवान विश्वकर्मा जयंती का आयोजन इस बार अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ किया गया। पूरे इलाके में त्योहार जैसा माहौल रहा और समाज के लोगों ने एकजुट होकर भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की।
सुबह से ही मंदिरों और आयोजन स्थलों पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम का शुभारंभ भजन-कीर्तन और मंगलाचरण से हुआ, जिसके बाद भगवान विश्वकर्मा की विशाल झांकी निकाली गई। झांकी में भगवान के दिव्य स्वरूप और शिल्प कौशल की झलक ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग उत्साह से शामिल हुए। इस दौरान पूरे क्षेत्र की गलियां रोशनी और सजावट से जगमगा उठीं।

भगवान विश्वकर्मा को शिल्प और कला का देवता माना जाता है। इस अवसर पर मजदूरों, कारीगरों, इंजीनियरों और तकनीशियनों ने अपने औज़ारों और मशीनों की पूजा की। इंदौर-78 की फैक्ट्रियों, दुकानों और वर्कशॉप्स में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण रहे। नृत्य और पारंपरिक गीतों ने वातावरण को आनंदमय बना दिया। साथ ही, समाज की ओर से भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
शाम को आतिशबाजी के शानदार प्रदर्शन ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। इस मौके पर स्थानीय पार्षद, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा मेहनतकश समाज की प्रेरणा और शिल्पकारों के मार्गदर्शक हैं।
कुल मिलाकर, इंदौर-78 में विश्वकर्मा जयंती का यह आयोजन केवल धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव ही नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देता नजर आया।






