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शी जिनपिंग ने ट्रंप को समझाया चीन का प्राचीन दर्शन, ‘सभी जीवों के बीच सद्भाव’ पर दिया जोर

चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को चीन के प्राचीन दर्शन ‘सभी जीवों के बीच सद्भाव’ की अवधारणा समझाई। यह चर्चा बीजिंग स्थित ऐतिहासिक Temple of Heaven में हुई, जहां ट्रंप और उनके परिवार ने गुरुवार को दौरा किया।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Mao Ning ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रपति जिनपिंग ने ट्रंप और उनके परिवार को प्रकृति के नियमों के सम्मान और सभी जीवों के साथ सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की अवधारणा के बारे में विस्तार से बताया।

माओ निंग ने अपनी एक अन्य पोस्ट में कहा कि शी जिनपिंग का मानना है कि चीन और अमेरिका दोनों महान राष्ट्र हैं और दोनों देशों की प्रगति साथ-साथ संभव है। उन्होंने कहा कि चीन का पुनरुत्थान और अमेरिका को फिर से महान बनाने का लक्ष्य एक-दूसरे के विरोध में नहीं है, बल्कि दोनों देश सहयोग के जरिए वैश्विक भलाई में योगदान दे सकते हैं।

बीजिंग के ऐतिहासिक टेंपल ऑफ हेवन में बातचीत के दौरान जिनपिंग ने प्राकृतिक नियमों के प्रति सम्मान और प्रकृति के साथ संतुलन में जीवन जीने के महत्व पर जोर दिया। यह विचार चीन की पारंपरिक विश्व दृष्टि का हिस्सा माना जाता है, जिसे ‘स्वर्ग और मानवता के बीच सामंजस्य’ के रूप में भी समझा जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ‘सभी जीवों के बीच सद्भाव’ की अवधारणा को ‘मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व’ के रूप में भी जाना जाता है। यह दर्शन विशेष रूप से ताओवाद और कन्फ्यूशियसवाद से प्रेरित है, जिसमें माना जाता है कि मनुष्य प्रकृति से अलग नहीं, बल्कि उसका अभिन्न हिस्सा है। इसलिए मानव को प्रकृति का सम्मान करते हुए उसके नियमों के अनुरूप जीवन जीना चाहिए।

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब चीन-अमेरिका संबंधों को वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के संबंध दुनिया की बड़ी आबादी और वैश्विक हितों को प्रभावित करने वाले कारकों में शामिल हैं।

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