बंगाल के सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुई पढ़ाई की शुरुआत, छात्रों में दिखा उत्साह
गर्मी की छुट्टियों के बाद सोमवार से पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में फिर से पठन-पाठन शुरू हो गया। राज्य सरकार के नए निर्देशों के तहत स्कूलों में दिन की शुरुआत प्रार्थना सभा और ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ की गई।
हाल ही में राज्य सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य करने का निर्देश जारी किया था। इसके तहत सोमवार को राज्यभर के स्कूलों में छात्र-छात्राओं ने एक साथ राष्ट्रभक्ति गीत गाकर नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की।
जलपाईगुड़ी में दिखा विशेष उत्साह
जलपाईगुड़ी जिले के सोनाउल्ला प्राइमरी स्कूल में छात्र-छात्राएं सुबह स्कूल परिसर में कतारबद्ध होकर एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ गाते नजर आए। इसके बाद प्रार्थना सभा संपन्न हुई और नियमित कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया।
इसी तरह का दृश्य राज्य के अन्य सरकारी विद्यालयों में भी देखने को मिला, जहां विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ इस पहल में भाग लिया।
अभिभावकों और शिक्षकों ने किया स्वागत
इस नई व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका मानना है कि इससे विद्यार्थियों में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूती मिलेगी।
राष्ट्रीय भावना को बढ़ावा देने की पहल
राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता की भावना को विकसित करना है। सरकार के अनुसार स्कूल शिक्षा केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुई इस नई शुरुआत को शिक्षा जगत में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे छात्रों में देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।






