डांडी मार्च की वर्षगांठ पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानियों को दी श्रद्धांजलि

ऐतिहासिक Dandi March की वर्षगांठ पर भारत के उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने Mahatma Gandhi सहित इस आंदोलन में शामिल सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डांडी सत्याग्रह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण था।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा कि डांडी सत्याग्रह 1930 में आज ही के दिन महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ था। इस आंदोलन ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ देशभर में एक नई जागरूकता और एकजुटता पैदा की थी।
उन्होंने कहा कि इस सत्याग्रह ने सत्य और अहिंसा के आदर्शों के जरिए राष्ट्रव्यापी आत्मनिर्भरता की भावना को प्रेरित किया। यह आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिसने लाखों लोगों को आजादी की लड़ाई से जोड़ा।
उपराष्ट्रपति ने अपने संदेश में यह भी कहा कि आज जब देश Atmanirbhar Bharat और विकसित भारत की परिकल्पना की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब डांडी मार्च से प्रेरित आत्मनिर्भरता की भावना आज भी देश के मार्गदर्शन का आधार बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डांडी मार्च न केवल ब्रिटिश नमक कानून के खिलाफ एक आंदोलन था, बल्कि यह स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता और अहिंसक संघर्ष का प्रतीक भी बन गया, जिसने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।






