बिहार की धरती महान विचारों की जननी: मोतिहारी में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन

सी.पी. राधाकृष्णन ने मोतिहारी में आयोजित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में बिहार की ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत की सराहना की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बिहार “महान विचारों की धरती” है, जहां गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों ने ज्ञान प्राप्त कर अपने जीवन का उद्देश्य तय किया।
उन्होंने कहा कि बिहार की धरती पर बौद्ध धर्म, जैन धर्म और समाजवादी विचारधारा ने आकार लिया। साथ ही जयप्रकाश नारायण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने देश की नैतिक और राजनीतिक चेतना को नई दिशा दी।
उपराष्ट्रपति ने अपने युवावस्था के दिनों को याद करते हुए 1974 के आंदोलन में अपनी भागीदारी का भी जिक्र किया और कहा कि उस दौर ने देश की राजनीति को नई दिशा दी।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने उल्लेखनीय विकास किया है और आज देश विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया और कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक भी है।
इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में नवाचार को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। कार्यक्रम में सैयद अता हसनैन, सम्राट चौधरी और सुनील कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के बाद उपराष्ट्रपति भितिहरवा गांधी आश्रम का दौरा कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।






