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वर्ल्ड इमोजी डे आज- न्यूयॉर्क के म्यूजियम से मिली लोकप्रियता, रोजाना 10 अरब इमोजी का होता है इस्तेमाल, जेन-जी में सबसे ज्यादा पॉपुलर

एक समय था जब एक दूसरे को अपनी भावनाएं समझाने और संचार के लिए मौखिक और लिखित भाषा का उपयोग किया जाता था लेकिन इमोजी के आविष्कार के बाद से सांकेतिक भाषा भी संचार का प्रमुख माध्यम बन गई। आज 17 जुलाई को दुनियाभर में वर्ल्ड इमोजी डे मनाकर भाषा के इस रूप का सम्मान किया जाता है। आइए जानते है इमोजी के इतिहास और वर्तमान परिपेक्ष के बारें में।

जापान से हुई थी शुरुआत

साल 1980 में इमोजी से पहले इमोटिकन की शुरुआत हुई थी, जिसमें टेक्स्ट पर मौजूदा कीबोर्ड से ही इन इमोटिकन को बनाया जाता था, जैसे हसंने के लिए) यह इमोटिकन, उदासी दिखाने के लिए (यह और किसी को प्यार भेजने के लिए <3 इस इमोटिकन का इस्तेमाल होता था।
इमोजी का इस्तेमाल सबसे पहले जापान के आर्टिस्ट शिगेताका ने किया था। उन्हें ही इमोजी के जरिए मोबाइल पर टेक्स्ट भेजने का आइडिया आया। 22 फरवरी 1999 को इमोजी का पूरा सेट तैयार किया गया। साल 2011 में एप्पल ने आईओएस में इमोजी कीबोर्ड एड किया था। इसके बाद कई देशों में इमोजी का इस्तेमाल होने लगा। अब हर फोन इमोजी वाले कीबोर्ड के साथ ही आता है। साल 2016 में इमोजी सेट को न्यूयॉर्क के म्यूजियम में रखा गया। जहां से इसे दुनियाभर में लोकप्रियता मिली।

92% प्रतिशत लोग टेक्स्ट मैसेज में करते है इमोजी का उपयोग

वर्तमान की बात की जाए तो आज 92% प्रतिशत लोग टेक्स्ट मैसेज में इमोजी का उपयोग करते है। आधिकारिक तौर पर 3,953 इमोजी मौजूद है। इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल 18+ उम्र के लोग यानी जेन-जी द्वारा किया जाता है। रोजाना 10 अरब इमोजी का इस्तेमाल लोग करते है। अगर बात की जाए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले इमोजी की तो ‘ख़ुशी के आंसू’ वाला इस इमोजी लिस्ट में सबसे ऊपर है।

साल 2017 से हुई इमोजी डे की शुरुआत

इमोजी शब्द का ईजाद इ और मोजी से हुआ है। इसमें ‘इ’ का मतलब होता है ‘पिक्चर’ और ‘मोजी’ यानी ‘कैरेक्टर’। साल 2017 में एप्पल इंजीनियर जेरेमी बर्ज ने कैलेंडर इमोजी को 17 जुलाई की तारीख के साथ दिखाते हुए एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट के बाद ट्वेमोजी के सह-संस्थापक, मैट डेनियल ने 17 जुलाई को वर्ल्ड इमोजी डे के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा, तभी से 17 जुलाई के दिन वर्ल्ड इमोजी डे मनाया है।

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