उत्तर प्रदेश ने तीसरी बार जीता राष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट चैंपियनशिप का खिताब, हरियाणा को रोमांचक मुकाबले में हराया

ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय पथिक स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में उत्तर प्रदेश ने हरियाणा को 5 रन से हराकर 5वीं राष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उत्तर प्रदेश ने तीसरी बार राष्ट्रीय खिताब जीतकर भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट में अपना दबदबा और मजबूत कर दिया। टीम की कप्तानी सोमजीत सिंह ने संभाली, जिनके नेतृत्व में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए उत्तर प्रदेश की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर 191 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम के बल्लेबाजों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए हरियाणा के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी हरियाणा की टीम ने भी मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया और आखिरी ओवर तक जीत के लिए संघर्ष करती रही। हालांकि, निर्धारित 20 ओवरों में हरियाणा 8 विकेट पर 186 रन ही बना सकी और महज 5 रन से मुकाबला हार गई।
उत्तर प्रदेश की जीत में ऑलराउंडर अनिल सिंहानिया ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बल्ले से 27 महत्वपूर्ण रन बनाने के साथ गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 विकेट झटके। उनके बेहतरीन योगदान के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।
फाइनल मुकाबले के दौरान कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम में भाजपा युवा नेता अमन गोयल, विश्व हिंदू परिषद के बाल किशन शर्मा, फिजिकल चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सुरेंद्र लोहिया और व्हीलचेयर क्रिकेट इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों के जज्बे, अनुशासन और खेल भावना की सराहना करते हुए देश में व्हीलचेयर क्रिकेट के बढ़ते स्तर की प्रशंसा की।
मैच के बाद उत्तर प्रदेश टीम के कप्तान सोमजीत सिंह ने जीत का श्रेय टीम की मेहनत, एकजुटता और संघर्षशील मानसिकता को दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, जिसका परिणाम टीम को एक और राष्ट्रीय खिताब के रूप में मिला।
राष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट चैंपियनशिप का यह संस्करण खिलाड़ियों के उत्साह, प्रतिस्पर्धा और खेल भावना का शानदार उदाहरण बना, जिसने दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा और खेल के प्रति समर्पण को एक बार फिर सामने रखा।






