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अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर हस्ताक्षर, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और प्रतिबंधों में राहत का रोडमैप तैयार

मध्य पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम उठाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार यह समझौता फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान अंतिम रूप दिया गया। समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने, प्रतिबंधों में चरणबद्ध राहत, परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता और क्षेत्रीय तनाव कम करने जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।

60 दिनों में अंतिम समझौते का लक्ष्य

दोनों देशों के बीच हुए इस प्रारंभिक समझौते के तहत अगले 60 दिनों के भीतर एक व्यापक और अंतिम समझौते पर बातचीत की जाएगी। इस अवधि में परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति

समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू Strait of Hormuz को फिर से पूरी तरह खोलना है। दोनों पक्षों ने समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को सामान्य बनाने पर सहमति जताई है। समझौते के तहत अगले 30 दिनों में समुद्री यातायात को युद्ध-पूर्व स्तर तक बहाल करने की योजना बनाई गई है।

प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक सहयोग

समझौते के अनुसार अमेरिका ईरान पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में चरणबद्ध राहत देने की प्रक्रिया शुरू करेगा। साथ ही ईरानी तेल निर्यात और उससे जुड़ी बैंकिंग, बीमा तथा परिवहन गतिविधियों को भी राहत मिल सकती है। रिपोर्टों में ईरान के आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर तक की योजना का भी उल्लेख किया गया है।

परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता जारी रहेगी

समझौते में ईरान ने दोहराया है कि वह परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा। इसके बदले दोनों देश यूरेनियम संवर्धन, परमाणु सामग्री के प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय निगरानी व्यवस्था पर आगे बातचीत करेंगे। हालांकि इस विषय पर अंतिम निर्णय आगामी वार्ताओं में लिया जाएगा।

14 बिंदुओं वाले समझौते की प्रमुख बातें

  • सभी सैन्य अभियानों को रोकने की प्रतिबद्धता
  • एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान
  • 60 दिनों में अंतिम समझौते का प्रयास
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना
  • ईरान के तेल निर्यात को राहत
  • प्रतिबंधों में चरणबद्ध ढील
  • परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता
  • समझौते के क्रियान्वयन के लिए निगरानी तंत्र का गठन
  • अंतिम समझौते को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने की प्रक्रिया

वैश्विक बाजारों पर असर

समझौते की खबर के बाद वैश्विक तेल बाजार में प्रतिक्रिया देखने को मिली। निवेशकों को उम्मीद है कि ईरानी तेल की आपूर्ति बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य के सामान्य रूप से खुलने से ऊर्जा आपूर्ति संबंधी चिंताएं कम होंगी। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

यह समझौता अमेरिका और ईरान के बीच वर्षों से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि कई संवेदनशील मुद्दों पर अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है और आने वाले 60 दिन दोनों देशों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।

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