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ट्विशा शर्मा केस: गिरीबाला सिंह को पद से हटाने के आदेश, नियुक्ति और भूमिका की जांच शुरू

ट्विशा शर्मा मामलाः गिरीबाला सिंह को पद से हटाने के आदेश, जाँच के लिए पत्र प्रेषित

Bhopal में मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह को जिला उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष पद से हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही उनकी नियुक्ति और मामले में भूमिका की जांच शुरू करने के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है।

दहेज और बीएनएस एक्ट के तहत दर्ज है मामला

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, गिरीबाला सिंह के खिलाफ थाना कटारा हिल्स में बीएनएस और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज है। वह जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक-2 में अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थीं।

खाद्य मंत्री Govind Singh Rajput ने कहा कि गिरीबाला सिंह की नियुक्ति की जांच कराई जाएगी। विभाग ने मामले के तथ्यों की जांच के लिए मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के रजिस्ट्रार को पत्र भी भेजा है।

12 मई को हुई थी ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत

गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा की 12 मई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। वह गर्भवती थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह और ससुराल वालों पर हत्या और दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।

मामले का मुख्य आरोपी समर्थ सिंह अभी भी फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए छह टीमें गठित की हैं और लुक-आउट नोटिस भी जारी किया गया है।

पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

भोपाल पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि घटना के 9 दिन बाद भी मुख्य आरोपी गिरफ्त से बाहर है। जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए थे, बावजूद इसके समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर सवाल खड़े हुए हैं।

Sanjay Kumar ने आरोपी पर घोषित इनाम राशि 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है।

हाईकोर्ट पहुंचा मामला

समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जिस पर जल्द सुनवाई हो सकती है। इससे पहले जिला अदालत उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।

वहीं, ट्विशा परिवार के वकील ने गिरीबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है।

‘जस्टिस फॉर ट्विशा’ अभियान को मिला समर्थन

मामले ने राजनीतिक और फिल्मी जगत का ध्यान भी खींचा है। Akhilesh Yadav ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय देने की बात कही।

वहीं Kangana Ranaut ने सोशल मीडिया पर महिलाओं की वैवाहिक सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

पूर्व उपराज्यपाल Kiran Bedi ने कहा कि ऐसे मामलों में फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक साक्ष्य सबसे अहम होते हैं, जिनके आधार पर अदालत फैसला करती है।

इस बीच सोशल मीडिया पर ‘जस्टिस फॉर ट्विशा’ अभियान तेज हो गया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है।

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