ट्रंप की धमकी पर चीन-ब्रिटेन का कड़ा रुख, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव

डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के बंदरगाहों की सैन्य नाकेबंदी की धमकी के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ गया है। इस पर चीन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है, जबकि ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी सैन्य नाकाबंदी का समर्थन नहीं करेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को सुरक्षित, स्थिर और बाधा-मुक्त रखना पूरी दुनिया के हित में है। उन्होंने कहा कि चीन ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्षों के साथ सहयोग करने को तैयार है।
इस मुद्दे पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन किसी भी स्थिति में ईरान के साथ युद्ध में शामिल नहीं होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी का समर्थन नहीं करेगा। उन्होंने इस मार्ग को खुला रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ट्रंप की धमकी के बाद Islamic Revolutionary Guard Corps ने अमेरिकी युद्धपोतों को क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्ग माना जाता है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का करीब 25 प्रतिशत और एलएनजी का 20 प्रतिशत इसी मार्ग से गुजरता है।
भारत सहित कई देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।






