पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला: न्यूज़ चैनलों की टीआरपी पर रोक 4 हफ्ते और बढ़ी

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने टीवी समाचार चैनलों की टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स (TRP) पर लगी रोक को चार सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया है। यह निर्णय सनसनीखेज और भ्रामक खबरों पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने Broadcast Audience Research Council को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में टीआरपी रिपोर्टिंग को अस्थायी रूप से रोका जाए। सरकार का मानना है कि कुछ चैनल युद्ध से जुड़ी खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं, जिससे आम जनता में भ्रम और भय का माहौल बन सकता है।
मंत्रालय के अनुसार, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-इजराइल संघर्ष के दौरान गलत और काल्पनिक खबरों का प्रसारण बढ़ा है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के परिजनों में चिंता और असुरक्षा की भावना बढ़ने की आशंका जताई गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगले चार सप्ताह तक न्यूज़ चैनलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन सामान्य टीआरपी प्रणाली के तहत नहीं किया जाएगा। इससे पहले 6 मार्च को भी इसी तरह का आदेश जारी किया गया था, जिसे अब आगे बढ़ा दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम मीडिया की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने और संकट के समय अफवाहों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, इसे लेकर मीडिया इंडस्ट्री में बहस भी तेज हो सकती है, क्योंकि टीआरपी ही चैनलों की लोकप्रियता और विज्ञापन राजस्व का प्रमुख आधार होती है।






