टिप्को इंजीनियरिंग की फीकी लिस्टिंग, IPO निवेशकों को शुरुआती दिन में नुकसान

इंडस्ट्रियल मशीनरी कंपोनेंट बनाने वाली Tipco Engineering India के शेयरों ने आज शेयर बाजार में निराशाजनक शुरुआत की। कंपनी के शेयर BSE SME Platform पर मामूली प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए, लेकिन जल्द ही बिकवाली के दबाव में आ गए।

आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 89 रुपये प्रति शेयर के भाव पर जारी किए गए थे। लिस्टिंग 89.25 रुपये पर हुई, जो केवल 0.28 प्रतिशत का मामूली प्रीमियम था। इसके बाद शेयर गिरकर 84.81 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि बाद में हल्की खरीदारी के चलते इसमें सुधार आया और दोपहर तक यह 88.50 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया।

इस तरह शुरुआती कारोबार में ही आईपीओ निवेशकों को करीब 0.56 प्रतिशत तक का नुकसान उठाना पड़ा।

कंपनी का 60.55 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 25 मार्च के बीच खुला था, जिसे कुल 1.70 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 3.20 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का 2.12 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी मात्र 0.66 गुना ही भर पाई।

आईपीओ के जरिए जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में करेगी।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी का मुनाफा पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। 2022-23 में 2.56 करोड़ रुपये का लाभ बढ़कर 2024-25 में 15.61 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। राजस्व भी इसी अवधि में 35.98 करोड़ से बढ़कर 133.37 करोड़ रुपये हो गया।

हालांकि, कंपनी पर कर्ज का बोझ भी तेजी से बढ़ा है, जो 2022-23 में 8.42 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 37.23 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत वित्तीय ग्रोथ के बावजूद कमजोर लिस्टिंग से यह संकेत मिलता है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा सीमित रहा है, खासकर SME सेगमेंट के आईपीओ को लेकर।

Share

Similar Posts