पेट्रोल-डीजल कीमत बढ़ोतरी पर प्रवीन खंडेलवाल का समर्थन, बोले- ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी कदम

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर Confederation of All India Traders> (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद Praveen Khandelwal ने इसे ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता की दिशा में संतुलित कदम बताया है। उन्होंने कहा कि भले ही इस फैसले से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, लेकिन इसे वैश्विक हालात और देश के व्यापक आर्थिक हितों के संदर्भ में समझा जाना चाहिए।
खंडेलवाल ने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। इसके चलते आपूर्ति संबंधी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि एक व्यावहारिक और जिम्मेदार फैसला प्रतीत होता है, जिसका उद्देश्य वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश में ईंधन की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखना और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक, यदि लंबे समय तक ईंधन कीमतों को कृत्रिम रूप से नियंत्रित रखा जाए, तो इससे सरकारी वित्तीय व्यवस्था और तेल विपणन कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, जिसका व्यापक असर अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए ईंधन कीमतों को संतुलित रखने का प्रयास किया है और समय-समय पर राहत भी दी है। मौजूदा परिस्थितियों में सीमित मूल्य वृद्धि ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम है।
हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत पर पड़ सकता है, लेकिन कठिन वैश्विक हालात में नागरिकों और व्यापार जगत को राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हुए ऐसे निर्णयों का समर्थन करना चाहिए।






