दक्षिण कोरिया ने स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट से अपना पाँचवाँ सैन्य जासूसी उपग्रह सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया

स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से दक्षिण कोरिया ने बढ़ाई अंतरिक्ष निगरानी क्षमता — पाँचवां स्वदेशी जासूसी उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च
सियोल, 27 अक्टूबर 2025 |
दक्षिण कोरिया ने आज अपने अंतरिक्ष सुरक्षा कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया। देश ने स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट के ज़रिए पाँचवाँ स्वदेशी सैन्य जासूसी उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया। यह प्रक्षेपण अमरीका के फ्लोरिडा स्थित केप कैनावेरल अंतरिक्ष बल स्टेशन से भारतीय समयानुसार सुबह 11:39 बजे किया गया।
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, फाल्कन 9 रॉकेट ने उड़ान भरने के लगभग 14 मिनट बाद उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर दिया। यह उपग्रह सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) तकनीक से लैस है, जो हर मौसम और परिस्थिति में उच्च-रिज़ॉल्यूशन निगरानी करने में सक्षम है।
यह मिशन दक्षिण कोरिया की उस महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत देश ने वर्ष 2025 के अंत तक पाँच सैन्य टोही उपग्रहों की तैनाती का लक्ष्य निर्धारित किया था। इस लॉन्च के साथ दक्षिण कोरिया ने अपनी योजना को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
अंतरिक्ष निगरानी में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
दक्षिण कोरिया की यह उपलब्धि उसके रक्षा और रणनीतिक ढांचे के लिए महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। अब देश को अमरीकी उपग्रह चित्रों पर निर्भरता कम करनी होगी, और वह स्वयं उत्तर कोरिया तथा अन्य रणनीतिक क्षेत्रों की रीयल-टाइम निगरानी कर सकेगा।
रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, यह उपग्रह नेटवर्क उत्तर कोरिया की मिसाइल गतिविधियों पर पैनी नज़र रखने और किसी भी संभावित खतरे का पहले से पता लगाने में मदद करेगा।
उत्तर कोरिया भी बढ़ा रहा है अपनी अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाएँ
दूसरी ओर, उत्तर कोरिया भी हाल के महीनों में अपनी अंतरिक्ष-आधारित टोही क्षमताओं को तेज़ी से विकसित कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच यह ‘स्पेस रेस’ एशिया में सामरिक तनाव को और बढ़ा सकती है।
रणनीतिक संतुलन में नया अध्याय
दक्षिण कोरिया का यह कदम न केवल उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति को मजबूत करेगा बल्कि उसे वैश्विक अंतरिक्ष सुरक्षा समुदाय में भी प्रमुख स्थान दिलाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अब देश निगरानी, संचार और रक्षा समन्वय के क्षेत्रों में नई क्षमताओं से लैस हो गया है।






