सीहोर में शव लेकर उफनती नदी में उतरे ग्रामीण: श्मशान घाट तक जाने का पुल नहीं; तेज बहाव में कंधों पर लेकर पार कराया शव

सीहोर। श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए पुल नहीं मिला तो ग्रामीणों को उफनती नदी में उतरना पड़ा। कचनारिया गांव में एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीण शव को कंधों पर उठाकर तेज बहाव वाली नदी पार करते नजर आए।
नदी का बहाव इतना तेज था कि जरा सी चूक जानलेवा हो सकती थी। लेकिन श्मशान घाट तक पहुंचने का दूसरा रास्ता नहीं होने के कारण ग्रामीणों के पास जान जोखिम में डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में नदी पार करना किसी तरह संभव हो जाता है, लेकिन बारिश के दौरान तेज बहाव के कारण स्थिति खतरनाक हो जाती है। इसके बावजूद अंतिम संस्कार के लिए कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में मजबूरी में ग्रामीण शव को लेकर नदी में उतरते हैं।
35 साल से विधायक, फिर भी पुल का इंतजार
कचनारिया गांव की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि इछावर क्षेत्र से करण सिंह वर्मा लंबे समय से विधायक हैं और वर्तमान में प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री हैं।
इसके बावजूद गांव के लोगों को श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए पुल जैसी मूलभूत सुविधा का इंतजार करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के दौरान क्षेत्र के विकास और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति नहीं बदली। बारिश के दिनों में समस्या गंभीर हो जाती है और किसी की मृत्यु होने पर परिवार के सामने अंतिम संस्कार तक पहुंचाने की चुनौती खड़ी हो जाती है।
ग्रामीणों ने जल्द पुल बनाने की मांग की
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट तक पहुंचने वाले मार्ग का निर्माण कराने के साथ नदी पर जल्द पुल बनाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी।