अयोध्या में स्थापित होगा श्रीराम यंत्र, श्रीराम जन्मभूमि बनेगी सांस्कृतिक जिज्ञासुओं का वैश्विक केंद्र

भगवान श्रीराम की नगरी Ayodhya अब केवल आस्था का केंद्र ही नहीं बल्कि विश्वभर के सांस्कृतिक जिज्ञासुओं और शोधकर्ताओं के लिए भी प्रमुख आकर्षण बनती जा रही है।
Ram Janmabhoomi Temple में होने वाली श्रीराम यंत्र की स्थापना को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक और दार्शनिक आयाम को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेगा।
19 मार्च को राष्ट्रपति करेंगी स्थापना
Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust के महासचिव Champat Rai के अनुसार 19 मार्च को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर Droupadi Murmu मंदिर के द्वितीय तल स्थित गर्भगृह में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी।
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सनातन संस्कृति के वैश्विक संदेश को पुनर्स्थापित करने का प्रतीक माना जा रहा है।
सनातन संस्कृति का वैश्विक आयाम
चम्पत राय के अनुसार भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं और शोधकर्ताओं के आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। अब यह नगरी केवल तीर्थस्थल नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन दर्शन को समझने का वैश्विक मंच बनती जा रही है।
भारतीय संस्कृति की मूल भावना “वसुधैव कुटुम्बकम” और भगवान श्रीराम के आदर्श—

सत्य
धर्म
करुणा
न्याय
आज भी विश्व समाज को मार्गदर्शन देने की क्षमता रखते हैं।
संस्कृति और दर्शन का वैश्विक केंद्र बनेगी अयोध्या
ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के अनुसार अयोध्या सदियों से आस्था का केंद्र रही है, लेकिन अब यह भारतीय सभ्यता, संस्कृति और दर्शन के अध्ययन का वैश्विक केंद्र बन रही है।
सनातन परंपरा में यंत्रों को ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है और मंदिरों में इनकी स्थापना आध्यात्मिक शक्ति के केंद्र के रूप में की जाती है।
रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक
सिद्धपीठ श्रीहनुमत निवास के पीठाधीश्वर Acharya Mithilesh Nandini Sharan के अनुसार श्रीराम यंत्र भगवान श्रीराम के धर्म, मर्यादा, न्याय और लोककल्याण के आदर्शों का प्रतीक है।
इन्हीं आदर्शों पर रामराज्य की अवधारणा आधारित है, जिसमें शासन का उद्देश्य जनकल्याण, न्याय और समानता होता है।
कई प्रमुख हस्तियां रहेंगी मौजूद
इस ऐतिहासिक अवसर पर Anandiben Patel, Yogi Adityanath, Mata Amritanandamayi, Veerendra Heggade और Dattatreya Hosabale सहित कई संत-महात्मा और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।
इसके अलावा ट्रस्ट अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास, कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि, निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र समेत अनेक धार्मिक और सामाजिक हस्तियां भी इस समारोह में शामिल होंगी।






