तेजी के बाद फिसला शेयर बाजार, मुनाफावसूली और रेजिस्टेंस के चलते सेंसेक्स 1,055 अंक लुढ़का

घरेलू शेयर बाजार ने गुरुवार को मजबूत ग्लोबल संकेतों के बीच शानदार शुरुआत की, लेकिन दिन बढ़ने के साथ ही बाजार पर मुनाफावसूली का दबाव हावी हो गया और सेंसेक्स ऊपरी स्तर से 1,055 अंक से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी में भी करीब 300 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि बाद में दोनों सूचकांकों ने निचले स्तर से कुछ रिकवरी जरूर की, लेकिन दिनभर की अस्थिरता ने निवेशकों को निराश कर दिया।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में आई तेज उछाल के बाद निवेशकों ने ऊपरी स्तर पर मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया, जिसका सीधा असर बाजार की दिशा पर पड़ा, धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी का कहना है कि मुनाफावसूली इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह रही, क्योंकि बुधवार को आई तेजी के बाद बाजार में यह दबाव बनना स्वाभाविक था।
इसके साथ ही बाजार को एक मजबूत ट्रिगर की कमी भी खली, दिनभर खरीदार बीच-बीच में लिवाली का प्रयास करते रहे, लेकिन बाजार को ऊपर ले जाने के लिए पर्याप्त सकारात्मक संकेत नहीं मिल सके, जिसके कारण बाजार ऊपरी स्तर पर टिक नहीं पाया और धीरे-धीरे फिसलता चला गया।
सेक्टर स्तर पर भी कमजोरी देखने को मिली, खासकर ऑटोमोबाइल और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा, हीरो मोटोकॉर्प और आयशर मोटर्स जैसे शेयरों में गिरावट आई, वहीं नेस्ले इंडिया और ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज भी दबाव में रहे, इन सेक्टर्स का बेंचमार्क इंडेक्स में ज्यादा वेटेज होने के कारण इसका असर पूरे बाजार पर पड़ा।
बैंकिंग सेक्टर भी आज दबाव में नजर आया, निफ्टी बैंक इंडेक्स ऊपरी स्तर से करीब 1.35 प्रतिशत तक गिर गया, जिससे बाजार के सेंटीमेंट्स और कमजोर हो गए, इस गिरावट ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया और बाजार की दिशा को नीचे की ओर धकेल दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी स्तर पर निफ्टी को 24,400 अंक के स्तर पर मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है, आज के कारोबार में भी निफ्टी इस स्तर तक पहुंचा लेकिन उसे पार नहीं कर सका और वहीं से गिरावट शुरू हो गई, जानकारों के अनुसार अगर निफ्टी इस स्तर को निर्णायक रूप से पार कर लेता है तो अगला लक्ष्य 24,750 अंक हो सकता है, लेकिन फिलहाल बाजार इसी दायरे में संघर्ष करता नजर आ रहा है।






