भारत-ब्रिटेन संबंध बने गतिशील और दूरदर्शी साझेदारी का प्रतीक: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2025
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत और ब्रिटेन के संबंध अब एक जटिल ऐतिहासिक सहयोग से आगे बढ़कर गतिशील और दूरदर्शी साझेदारी में विकसित हो गए हैं।
उन्होंने यह बात ब्रिटेन के राष्ट्रीय दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कही, जो नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और ब्रिटेन ने पिछले कुछ वर्षों में तकनीकी सुरक्षा पहल (Technology Security Initiative) के तहत अपने सहयोग का विस्तार किया है। साथ ही दोनों देशों ने कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के क्षेत्र में भी साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है।
उन्होंने बताया कि अब तक 9 प्रमुख ब्रिटिश विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने की स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें से साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय ने गुरुग्राम में अपना पहला परिसर खोल दिया है, जहाँ छात्रों के पहले बैच का स्वागत भी किया जा चुका है।
विदेश मंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को दर्शाने वाला नहीं है, बल्कि यह ब्रिटेन में बसे लगभग 19 लाख प्रवासी भारतीयों के अमूल्य योगदान का भी सम्मान है।
उन्होंने प्रवासी भारतीय समुदाय को “दोनों देशों के बीच का मजबूत सेतु” बताया, जिन्होंने भारत और ब्रिटेन के बीच विशेष और स्थायी संबंध बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
डॉ. जयशंकर ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच संबंध अब 21वीं सदी की जरूरतों और संभावनाओं के अनुरूप विकसित हो रहे हैं, और आने वाले वर्षों में यह साझेदारी वैश्विक स्थिरता, नवाचार और प्रगति का उदाहरण बनेगी।






