अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर रुस्तम सारंग बने सहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग में मिली जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ सरकार ने अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर Rustam Sarang को खेल एवं युवा कल्याण विभाग में प्रतिनियुक्ति देते हुए सहायक संचालक के पद की जिम्मेदारी सौंपी है।

यह निर्णय उनके खेल क्षेत्र में लंबे अनुभव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और राज्य का नाम रोशन करने वाली उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।


13 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीते कई पदक

रुस्तम सारंग ने अपने करियर में 13 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिसमें उन्होंने 4 स्वर्ण और 1 कांस्य पदक जीते हैं।

उन्होंने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन और राज्य के Arun Sao के प्रति आभार व्यक्त किया।


खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने पर रहेगा फोकस

सारंग ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से अन्य जिम्मेदारियों के कारण वे खेल प्रशिक्षण और गतिविधियों से दूर थे, जिससे कई युवा खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण लेने में कठिनाई हो रही थी।

अब नई जिम्मेदारी के साथ वे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। उन्हें यह जिम्मेदारी फरवरी के अंतिम सप्ताह में सौंपी गई है।


अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन

रुस्तम सारंग ने 2005 जूनियर एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और छत्तीसगढ़ के पहले अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी बने।

इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में पदक जीते:

  • 2006 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप – कांस्य पदक

  • 2007 गुवाहाटी नेशनल गेम्स – रजत पदक

  • 2009 मलेशिया, 2011 दक्षिण अफ्रीका और 2012 समोआ में कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप – स्वर्ण पदक

इसके अलावा उन्होंने 2011 पेरिस और 2014 कजाखस्तान में आयोजित वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।


कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित

खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कई सम्मान दिए जा चुके हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • शहीद कौशल यादव खेल पुरस्कार

  • शहीद राजीव पांडेय खेल पुरस्कार

  • गुंडाधुर सम्मान


पुलिस सेवा और कोचिंग का अनुभव

रुस्तम सारंग छत्तीसगढ़ पुलिस में डीएसपी के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। उन्होंने Sports Authority of India के पटियाला केंद्र से स्पोर्ट्स कोचिंग में डिप्लोमा प्राप्त किया और कई युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया है।

हाल ही में उन्होंने प्रतियोगी खेलों से संन्यास लेने की घोषणा भी की थी।

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