रूस का यूक्रेन पर बड़ा हवाई हमला, कीव समेत कई शहरों में तबाही; 10 लोगों की मौत, 100 से अधिक घायल
रूस ने सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक यूक्रेन की राजधानी कीव समेत देश के कई हिस्सों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। मिसाइल और ड्रोन से किए गए इन हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हमलों से कई रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।
कीव और नीप्रो में सबसे ज्यादा तबाही
अधिकारियों के अनुसार राजधानी कीव में चार लोगों की मौत हुई है, जबकि मध्य यूक्रेन के प्रमुख शहर नीप्रो में छह लोगों ने जान गंवाई। कई इलाकों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और आग लगने की घटनाएं सामने आईं, जिनमें कई वाहन जलकर खाक हो गए।
बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला
रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया। हमले से पहले एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा गया था। राजधानी में लगातार कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि पोडिल्स्की जिले की एक बहुमंजिला इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है और मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। राहत एवं बचाव दल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
कीव सिटी मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख टिमुर तकाचेंको ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हुए हो सकते हैं।
पूरी रात जारी रहे हमले
कीव क्षेत्र के गवर्नर मायकोला कलाश्निक ने बताया कि रूस ने पूरी रात यूक्रेन के शांत कस्बों और गांवों को निशाना बनाया। ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए कई इलाकों पर लगातार हमले किए गए।
जेलेंस्की ने पहले ही दी थी चेतावनी
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने सोमवार को नागरिकों को संभावित बड़े रूसी हमले के प्रति आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि रूस किसी बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है।
जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन ने इस वर्ष अब तक रूस की 15 तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच हमले और तेज हो गए हैं।
बढ़ सकता है संघर्ष
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के सप्ताहों में रूस और यूक्रेन के बीच सैन्य गतिविधियों में तेजी आई है। ऊर्जा प्रतिष्ठानों और रणनीतिक ठिकानों पर हमलों के कारण संघर्ष और अधिक उग्र होने की आशंका जताई जा रही है।
राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं, जबकि यूक्रेनी प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है।
