राम जन्मभूमि परिसर के सूर्य मंदिर पर ध्वजारोहण, रामनवमी से पहले अयोध्या में भक्ति का माहौल

नवरात्रि की अष्टमी के पावन अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित सूर्य मंदिर के शिखर पर विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में संत-महंत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सूर्य मंदिर, जो भगवान श्रीराम के कुल देवता को समर्पित है, उसके शिखर पर संतों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवा ध्वज फहराया गया। मंदिर के ध्वज दंड की ऊंचाई लगभग 19 फीट 7 इंच है, जिस पर 9 फीट 3 इंच लंबा और 4 फीट 7 इंच चौड़ा ध्वज स्थापित किया गया। ध्वज पर ‘ॐ’ अंकित है, जो आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है।

ध्वजारोहण समारोह में कई प्रमुख संतों और ट्रस्ट से जुड़े गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 25 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण किया गया था, जबकि 31 दिसंबर 2025 को अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ध्वज स्थापित किया गया था। अब सूर्य मंदिर पर ध्वजारोहण के साथ मंदिर परिसर के प्रमुख शिखरों पर यह परंपरा आगे बढ़ाई जा रही है।

राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार परिसर में कुल आठ शिखर हैं, जिनमें से अब तक दो प्रमुख मंदिरों पर ध्वजारोहण हो चुका है।

विशेष बात यह है कि शुक्रवार, 27 मार्च को राम नवमी के दिन भगवान सूर्य स्वयं रामलला के विग्रह का तिलक करेंगे, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

यह आयोजन Ram Janmabhoomi Surya Mandir में धार्मिक परंपराओं और आस्था के संगम का प्रतीक बनकर उभरा है, जिससे अयोध्या में रामनवमी से पहले भक्ति का माहौल और अधिक प्रबल हो गया है।

Share

Similar Posts