राजस्थान पुलिस में बड़ा फेरबदल, 17 IPS अफसरों के तबादले; सात जिलों के SP बदले

राजस्थान सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 17 आईपीएस अधिकारियों (IPS Officers) का तबादला कर दिया है। मंगलवार देर रात जारी आदेश में सात जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को भी बदल दिया गया। इस बदलाव से चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, नागौर, टोंक, भरतपुर और दौसा जिले प्रभावित हुए हैं।
कोटा रेंज को मिला नया आईजी
सरकार ने हरेंद्र कुमार महावर को कोटा रेंज का नया आईजी नियुक्त किया है। यह पद लंबे समय से खाली चल रहा था। वहीं मनीष त्रिपाठी को चित्तौड़गढ़ के एसपी पद से हटाकर जयपुर एटीएस में एसपी बनाया गया है।
सात जिलों के बदले गए एसपी
फेरबदल के तहत धर्मेंद्र सिंह, जो पहले भीलवाड़ा के एसपी थे, अब चित्तौड़गढ़ के नए एसपी होंगे। वहीं दौसा के एसपी सागर को भीलवाड़ा का नया एसपी बनाया गया है।
इसके अलावा ज्ञान चंद्र यादव को डीडवाना-कुचामन का एसपी नियुक्त किया गया है। वहीं यहां की एसपी रिचा तोमर को दिल्ली स्थित आरएसी की 11वीं बटालियन का कमांडेंट बनाया गया है।
राजेश कुमार मीणा को टोंक से भरतपुर का एसपी बनाया गया है, जबकि रोशन मीणा को नागौर से टोंक भेजा गया है। वहीं पीयूष दीक्षित को दौसा का नया एसपी नियुक्त किया गया है।
एसीबी और पुलिस मुख्यालय में भी बदलाव
राज्य सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और पुलिस मुख्यालय में भी कई अहम बदलाव किए हैं। लता मनोज कुमार को एडीजी (कम्युनिटी पुलिसिंग एंड पब्लिक ग्रीवांस) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद के.बी. वंदना को आईजी, सीआईडी (क्राइम ब्रांच), जयपुर बनाया गया है। वहीं परम ज्योति को आईजी (आरएसी) जयपुर और कालूराम रावत को आईजी (टेलीकम्युनिकेशन) पद पर नियुक्त किया गया है।
कुछ अधिकारियों का कम समय में फिर तबादला
इस फेरबदल में कुछ अधिकारियों के कम समय में दोबारा ट्रांसफर भी चर्चा का विषय बने हैं। हरेंद्र कुमार महावर और कालूराम रावत का इससे पहले 23 फरवरी को भी तबादला हुआ था।
वहीं पीयूष दीक्षित, जिन्हें 19 मार्च को एसीबी में एसपी बनाया गया था, अब महज दो महीने बाद दौसा का एसपी नियुक्त कर दिया गया है।
अन्य अहम नियुक्तियां
श्वेता धनखड़ को डीआईजी, आरएसी जयपुर, भुवन भूषण यादव को डीआईजी एसओजी जयपुर, जबकि गोरधन लाल सौंकरिया को एसपी एसीबी जयपुर बनाया गया है।
सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस प्रशासन में नई कार्यशैली लागू करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।






