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राहुल गांधी को पुलिस उठाकर ले गई; प्रदर्शन में शामिल प्रियंका-अखिलेश भी हिरासत में

नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर पीएम आवास के पास धरने पर बैठे राहुल गांधी को पुलिस उठाकर ले गई। पुलिस के आते ही राहुल गांधी जमीन पर लेट गए, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें हाथ-पैर से पकड़कर उठाया और ले गए।

मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 3 बजे से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता पीएम आवास के पास धरने पर बैठे थे। करीब साढ़े छह बजे पुलिस ने उन्हें धरनास्थल से हटा दिया। धरने में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार और केरल के सीएम सतीशन भी शामिल थे। पुलिस ने इन सभी को हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और कई कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया।

राहुल और प्रियंका को हिरासत में लेने की तस्वीरें…

कैप्शन – प्रियंका गांधी
कैप्शन – राहुल गांधी

अचानक पैदल मार्च कर पहुंचे नेता

कांग्रेस का यह प्रदर्शन बेहद सीक्रेट रहा। राहुल गांधी समेत सभी नेता कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के घर से पीएम आवास तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। जब ये नेता पीएम आवास से करीब 100 मीटर दूर थे, तब मीडिया को इसकी जानकारी दी गई। धरनास्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ता ‘पीएम और गृहमंत्री इस्तीफा दो’ के नारे लगा रहे थे।

जितेंद्र सिंह का दावा- मांग मानी तो बात से मुकरे राहुल

प्रदर्शनकारी नेताओं से बातचीत करने के लिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह धरनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने राहुल गांधी से चर्चा करने के बाद गृह मंत्री अमित शाह से बात की और फिर दोबारा राहुल के पास आए।

जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि राहुल गांधी की पहले सिर्फ NEET पर संसद में चर्चा कराने की मांग थी, जिसे सरकार ने मान लिया था। लेकिन बाद में राहुल अपनी बात से मुकर गए और दो मांगें रख दीं— NEET पर चर्चा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। जितेंद्र सिंह के अनुसार, गृह सचिव ने जब राहुल से कहा कि यह जगह धरने के लिए अनुकूल नहीं है, तो राहुल ने जवाब दिया कि यह उनकी मर्जी है कि वे कहां बैठें।

राहुल गांधी का पीएम पर हमला

राहुल गांधी ने ‘X’ पर पोस्ट कर लिखा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वे बिना जवाब दिए और बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाएगा। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए लिखा कि जो भी मानता है कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए, वह पीएम आवास के सामने धरने में शामिल हो। भारत के छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

संसद में भारी हंगामा, कार्यवाही स्थगित

इससे पहले मंगलवार सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने NEET पेपर लीक पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी की और प्लेकार्ड दिखाए। हंगामे के कारण कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक और बाद में बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन के बाहर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है, जो लोकतंत्र में गलत है। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर लोकसभा स्पीकर से भी मुलाकात की। वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और सैयद नासिर हुसैन ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत चर्चा का नोटिस दिया।

दूसरी तरफ, NDA संसदीय दल की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक मामले के दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।

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