ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026: सेमीफाइनल में हारीं पीवी सिंधु, अकाने यामागुची ने रोका खिताबी सपना
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु का ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में शानदार अभियान सेमीफाइनल में समाप्त हो गया। शनिवार को खेले गए महिला एकल मुकाबले में उन्हें जापान की मौजूदा विश्व चैंपियन अकाने यामागुची ने 22-20, 21-12 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
पहले गेम में कड़ा संघर्ष
मुकाबले की शुरुआत सिंधु ने शानदार अंदाज में की और पहले गेम में लंबे समय तक बढ़त बनाए रखी। हालांकि विश्व स्तरीय खिलाड़ी अकाने यामागुची ने दबाव में भी संयम बनाए रखा और लगातार अंक जुटाते हुए स्कोर को बराबरी पर ला दिया।
रोमांचक मुकाबला ड्यूस तक पहुंचा, जहां यामागुची ने महत्वपूर्ण अंक हासिल कर पहला गेम 22-20 से अपने नाम कर लिया। पहले गेम की हार ने सिंधु की लय को प्रभावित किया।
दूसरे गेम में यामागुची का दबदबा
दूसरे गेम में भी सिंधु ने शुरुआती बढ़त बनाई, लेकिन इसके बाद यामागुची ने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार अंक जुटाए। जापानी खिलाड़ी ने 18-9 की मजबूत बढ़त हासिल कर मैच पर पूरी पकड़ बना ली।
अंत में सिंधु का एक शॉट नेट में जाने के साथ मुकाबला समाप्त हो गया और यामागुची ने दूसरा गेम 21-12 से जीतकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
क्वार्टर फाइनल में दिखाया था दमदार प्रदर्शन
सेमीफाइनल से पहले सिंधु ने क्वार्टर फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए चीनी ताइपे की चेन सू-यू को केवल 27 मिनट में 21-6, 21-9 से हराया था। इस जीत के साथ उन्होंने अंतिम चार में जगह बनाई थी।
सीजन का दूसरा सेमीफाइनल
विश्व रैंकिंग में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल सिंधु के लिए यह 2026 बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सीजन का दूसरा सेमीफाइनल रहा। इससे पहले वह जनवरी में आयोजित मलेशिया ओपन में भी अंतिम चार तक पहुंची थीं।
सकारात्मक संकेत छोड़ गया टूर्नामेंट
हालांकि सिंधु सैयद मोदी इंटरनेशनल 2024 के बाद अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीतने में सफल नहीं हो सकीं, लेकिन ऑस्ट्रेलियन ओपन में उनका प्रदर्शन सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। लगातार बेहतर खेल और सेमीफाइनल तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि भारतीय स्टार खिलाड़ी धीरे-धीरे अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल कर रही हैं।
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में सिंधु का सफर भले ही सेमीफाइनल में समाप्त हो गया हो, लेकिन उनका प्रदर्शन आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ाने वाला रहा।
