आतंकवाद पर भारत का संदेश स्पष्ट: जवाब होगा दृढ़ और निर्णायक, राष्ट्रपति मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने सिद्ध कर दिया है कि वह शक्ति का प्रयोग उत्तरदायित्व और विवेक के साथ करता है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा कि विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी की पंक्ति “न किसी से डरें, न किसी को डराएं” का उल्लेख करते हुए इसे भारत की सुरक्षा नीति का मूल बताया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने वर्ष 2026 में भारत के सदी के दूसरे चरण में प्रवेश का जिक्र करते हुए पिछले 25 वर्षों में अर्जित गौरवपूर्ण उपलब्धियों और अनुभवों पर प्रकाश डाला। उन्होंने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन किए जाने की घटनाओं का उल्लेख किया। गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, सरदार पटेल और भारत रत्न भूपेन हजारिका की जन्म-शताब्दी समारोहों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ये आयोजन राष्ट्रीय एकता और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं।
सामाजिक न्याय पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि हर नागरिक को बिना भेदभाव पूरा अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने पिछले एक दशक में 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर आने का आंकड़ा साझा किया।
राष्ट्रपति ने गरीबों के लिए बनाए गए 4 करोड़ पक्के मकानों, जल जीवन मिशन के तहत 12.5 करोड़ परिवारों तक नल का पानी पहुँचाने और उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ एलपीजी कनेक्शन देने का उल्लेख किया। डीबीटी के माध्यम से 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाई गई।
स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, बुजुर्गों के वय वंदना कार्ड, सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन, जापानी इंसेफ्लाइटिस नियंत्रण और ट्रेकोमा मुक्त भारत को सफल बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक संकटों के बावजूद सबसे तेज़ी से बढ़ रही है। महंगाई नियंत्रण, आय वृद्धि और बचत बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग को लाभ मिला। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा।
अंतरराष्ट्रीय भूमिका पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत विश्व में सेतु की भूमिका निभा रहा है। भारत ने संतुलन, निष्पक्षता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ ‘इंडिया फर्स्ट’ का संकल्प कायम रखा है। उन्होंने जी-20, ब्रिक्स, और एससीओ में भारत की मजबूत भूमिका का उल्लेख किया।
राष्ट्रपति ने आत्मनिर्भर भारत पर जोर देते हुए मेक इन इंडिया, पीएलआई योजना और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद Made in India रक्षा प्लेटफॉर्म्स पर वैश्विक भरोसा बढ़ा है।
अभिभाषण के अंत में राष्ट्रपति मुर्मु ने सांसदों से राष्ट्रहित के मुद्दों पर एकमत होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य सतत यात्रा है, जिसे संसद, सरकार और नागरिक मिलकर पूरा करेंगे, और सभी सांसदों को सफल और सार्थक सत्र की शुभकामनाएं दीं।






