राष्ट्रपति भवन में चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण, राष्ट्रपति मुर्मु ने दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति भवन में आयोजित राजाजी उत्सव के दौरान देश के पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रतिमा का अनावरण करते हुए उनके जीवन और योगदान को याद किया और उन्हें राष्ट्र का महान सपूत बताया।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के तहत राजगोपालाचारी के जीवन, विचारों और विरासत को प्रदर्शित किया गया। उनकी प्रतिमा को अशोक मंडप के पास खुली सीढ़ी पर स्थापित किया गया है, जहां पहले एडविन लुटियंस की प्रतिमा थी। इस पहल को देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि चक्रवर्ती राजगोपालाचारी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने विधि, स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक और आर्थिक सुधार, राजनीति, शासन और भारतीय धर्मशास्त्र जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि उनके आदर्शों पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि यह पहल औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को पीछे छोड़कर भारत की समृद्ध संस्कृति, शाश्वत परंपराओं और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों को सम्मानित करने की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने आशा जताई कि देश की जनता राजगोपालाचारी के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रप्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ेगी।
कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, सुब्रह्मण्यम जयशंकर, धर्मेंद्र प्रधान, गजेंद्र सिंह शेखावत, एल. मुरुगन सहित कई गणमान्य व्यक्ति और राजगोपालाचारी के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।
यह आयोजन भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों को नई पीढ़ी से जोड़ने और राष्ट्रीय विरासत को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।






