|

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर एकता का संदेश दिया, बोले — राष्ट्र को कमजोर करने वाले विचारों को अस्वीकार करें

गुजरात, 31 अक्टूबर 2025।
कृतज्ञ राष्ट्र आज लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का नेतृत्व किया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा —

“प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के ताने-बाने को कमज़ोर करने वाले किसी भी विचार या कार्य को अस्वीकार करना चाहिए। सरदार पटेल ने जिस भारत को एक सूत्र में पिरोया, उसकी एकता और अखंडता को हमें हर कीमत पर बनाए रखना है।”

प्रधानमंत्री ने एकता दिवस की शपथ दिलाई और कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में है, और यही भावना हमें सरदार पटेल की प्रेरणा से आगे बढ़ाती है।

इस अवसर पर भव्य एकता दिवस परेड का आयोजन किया गया, जिसमें बीएसएफ, सीआरपीएफ और विभिन्न राज्य पुलिस बलों की टुकड़ियाँ शामिल हुईं। इस बार की परेड को गणतंत्र दिवस परेड की तर्ज पर विशेष रूप से तैयार किया गया था।

परेड की खास आकर्षण रही बीएसएफ की मार्चिंग टुकड़ी, जिसमें भारतीय नस्ल के रामपुर और मुधोल हाउंड्स कुत्ते शामिल हुए — जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना का प्रतीक हैं।

इसके अलावा, विभिन्न राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों — एनएसजी, एनडीआरएफ आदि ने ‘अनेकता में एकता’ थीम पर दस जीवंत झांकियाँ भी प्रस्तुत कीं, जो भारत की सांस्कृतिक और प्रशासनिक विविधता को दर्शाती थीं।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ‘आरंभ 7.0’ के समापन समारोह में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने 100वें फाउंडेशन कोर्स के प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद किया। इस वर्ष का आरंभ सत्र “शासन की पुनर्कल्पना” विषय पर आधारित रहा, जिसमें देशभर से युवा अधिकारी प्रशासनिक सुधार और डिजिटल गवर्नेंस पर चर्चा कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि “सरदार पटेल के विचार आज भी हमारे शासन, नीति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा हैं। एक भारत – श्रेष्ठ भारत का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करेगा।”

Share

Similar Posts