प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 साल पूरे, 40 लाख करोड़ से अधिक ऋण वितरण

Pradhan Mantri Mudra Yojana (पीएमएमवाई) ने लघु और सूक्ष्म उद्यमियों को सशक्त बनाने के 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस योजना के तहत अब तक 57.79 करोड़ ऋणों के माध्यम से 40.07 लाख करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया जा चुका है।
इस योजना की शुरुआत Narendra Modi ने 8 अप्रैल 2015 को की थी। इसका उद्देश्य गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि क्षेत्र के छोटे व्यवसायों को बिना गारंटी के 20 लाख रुपये तक का आसान ऋण उपलब्ध कराना है।
केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने कहा कि इस योजना ने पिछले एक दशक में देश में उद्यमशीलता को नई दिशा दी है। करोड़ों लोगों ने आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय शुरू किए हैं, जिससे एमएसएमई सेक्टर को मजबूती मिली है।
उन्होंने बताया कि कुल वितरित ऋणों में लगभग दो-तिहाई हिस्सा महिलाओं को मिला है, जबकि करीब 20 प्रतिशत ऋण पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाले उद्यमियों को दिए गए हैं। नए उद्यमियों को 12.15 करोड़ ऋणों के जरिए लगभग 12 लाख करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary ने कहा कि यह योजना सूक्ष्म उद्यमिता को बढ़ावा देने और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
उन्होंने बताया कि इस योजना से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को विशेष लाभ मिला है, जो कुल लाभार्थियों का करीब 51 प्रतिशत हैं, जबकि महिलाओं की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत है।
सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आने वाले समय में भी उद्यमियों को सशक्त बनाते हुए 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी।






