पीएम मोदी ने साझा किया ‘सुभाषितम्’, कहा- नारी शक्ति सशक्त भारत की पहचान

नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश की माताओं, बहनों और बेटियों का स्मरण करते हुए ‘सुभाषितम्’ साझा किया और नारी शक्ति को सशक्त भारत की पहचान बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भारत की नारी शक्ति आज अपने अटूट संकल्प, निष्ठा और सेवा-भाव से हर क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि देश की माताएं, बहनें और बेटियां निरंतर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने दुर्गा सप्तशती के चतुर्थ अध्याय (शाकम्भरी स्तुति) के एक श्लोक का भी उल्लेख किया—
“देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्ति समूहमूत्र्या।
तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नता: स्म विदधातु शुभानि सा न:॥”
इस श्लोक के माध्यम से उन्होंने बताया कि देवी ने अपनी शक्ति से इस संपूर्ण जगत की रचना की है और वे समस्त देवताओं की शक्तियों के सामूहिक स्वरूप के रूप में प्रकट होती हैं।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि मां की आराधना सभी देवता और महान ऋषि समान रूप से करते हैं और हम सभी श्रद्धा भाव से उन्हें नमन करते हैं। उन्होंने कामना की कि देवी हम सभी पर अपना मंगल आशीर्वाद बनाए रखें।
यह श्लोक देवी के सर्वव्यापी और शक्ति स्वरूप का गुणगान करता है। इसकी स्तुति करने से ज्ञान, बल और शक्ति की प्राप्ति होती है, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।






