प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना के शौर्य को किया नमन, साझा किया संस्कृत सुभाषित

Narendra Modi ने भारतीय सेना के साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए जवानों का समर्पण हर देशवासी को गौरवान्वित करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “देश के मान-सम्मान की रक्षा के लिए भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम सभी देशवासियों को गौरवान्वित करता है। मां भारती के लिए मर-मिटने का उनका जज्बा हर किसी को प्रेरित करने वाला है।”
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के साथ एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया—
“स्वधर्ममपि चावेक्ष्य न विकम्पितुमर्हसि।
धर्म्याद्धि युद्धाच्छ्रेयोऽन्यत्क्षत्रियस्य न विद्यते॥”
इस श्लोक का आशय बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने कर्तव्य का बोध होने पर व्यक्ति को किसी प्रकार का भय या दुविधा नहीं होना चाहिए। धर्म और मर्यादा की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष ही एक योद्धा के लिए सबसे गौरवशाली मार्ग होता है।
प्रधानमंत्री का यह संदेश भारतीय सेना के जवानों के साहस और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।






