प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- शिक्षा जीवन को श्रेष्ठ बनाने का सशक्त माध्यम

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि जीवन को श्रेष्ठ बनाने का एक सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा एक अनमोल पूंजी है, जिसके बल पर देश की युवा शक्ति हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रही है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए शिक्षा और संस्कार की भूमिका को विस्तार से समझाया। उन्होंने लिखा:
“श्रियः प्रदुग्धे विपदो रुणद्धि यशांसि सूते मलिनं प्रमार्ष्टि।
संस्कारशौचेन परं पुनीते शुद्धा हि बुद्धिः किल कामधेनुः॥”
इस सुभाषित का अर्थ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शुद्ध और संस्कारित बुद्धि मनुष्य के लिए कामधेनु के समान होती है। ऐसी बुद्धि व्यक्ति के जीवन में समृद्धि लाती है, विपत्तियों को दूर करती है, यश दिलाती है और जीवन के दोषों को समाप्त करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और संस्कार से युक्त बुद्धि ही व्यक्ति और समाज को उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ाती है।
प्रधानमंत्री का यह संदेश युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक सोच के महत्व को रेखांकित किया है।






