प्रधानमंत्री समेत शीर्ष नेताओं ने लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि दी

स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई प्रमुख नेताओं ने उनके अद्वितीय बलिदान और राष्ट्रसेवा को नमन किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि लाला लाजपत राय ने स्वराज को जीवन का ध्येय मानकर युवाओं में स्वतंत्रता की चेतना जगाई, जिसने औपनिवेशिक शासन की नींव हिला दी। उनका साहस, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा आज भी हमारे राष्ट्रीय चरित्र की आधारशिला है।
गृहमंत्री अमित शाह ने लाला लाजपत राय के बलिदान को स्वतंत्रता आंदोलन को एकता के सूत्र में बांधने वाला बताया। उन्होंने कहा कि राय भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनके योगदान का स्मरण करते हुए उनके अडिग संकल्प, निर्भीकता और राष्ट्रनिष्ठा की प्रशंसा की।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लाला लाजपत राय को अदम्य साहस और प्रखर राष्ट्रवाद का प्रतीक बताया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राय के ऐतिहासिक कथन “मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश सरकार के ताबूत में एक-एक कील का काम करेगी” का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लाला लाजपत राय को भारत माता का अमर सपूत बताते हुए उनके योगदान को स्वदेशी, शिक्षा, सामाजिक समरसता और वंचितों के सशक्तीकरण के क्षेत्र में मार्गदर्शक बताया।
उल्लेखनीय है कि ‘पंजाब केसरी’ के नाम से प्रसिद्ध लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को हुआ था। 30 अक्टूबर 1928 को साइमन कमीशन के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध मार्च का नेतृत्व करते समय उन्हें ब्रिटिश पुलिस द्वारा लाठीचार्ज में गंभीर चोट लगी, जिससे उनकी मृत्यु 17 नवंबर 1928 को हो गयी। वह लाल बाल पाल तिकड़ी के तीन सदस्यों में से एक थे, जिनमें बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल शामिल थे।






